राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर केस दर्ज को लेकर जयराम रमेश ने मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं पर एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस महासचिव ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं पर एफआईआर को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर के चलते करोड़ों वास्तविक मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
मंगलवार को चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस ने एसआईआर के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अन्य नेताओं खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से वोट चोरी की साजिश को तथ्यों के साथ उजागर कर रहे हैं।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि करीब दो वर्षों से राहुल गांधी “पीएम और गृह मंत्री तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच हुई वोट चोरी की साजिश” को तथ्यों के जरिए लगातार उजागर कर रहे हैं। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण करोड़ों वास्तविक मतदाताओं का वोट देने का संवैधानिक अधिकार प्रभावित हुआ है। कांग्रेस नेता ने एसआईआर को लेकर अपनी राजनीतिक व्याख्या देते हुए इसे शहंशाह ने हटाने के लिए उकसाया बताया।
केंद्र सरकार और चुनाव आयोग इस मुद्दे को लेकर दबाव में हैं- जयराम रमेश
जयराम रमेश ने आगे कहा कि जब राहुल गांधी ने एसआईआर से जुड़ी कथित विसंगतियों और अन्याय को सामने रखने के लिए “सत्याग्रह” का रास्ता अपनाया, तो दिल्ली पुलिस ने उनके और अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा एसआईआर के कथित अन्याय को उजागर करने के लिए सत्याग्रह किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उनके और अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
जयराम रमेश ने आगे आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग इस मुद्दे को लेकर दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि “दीवार पर लिखी इबारत साफ है।”दरअसल, मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर निकले विपक्षी नेताओं के मार्च के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारी आकाशवाणी भवन के पास रोके जाने के बाद परिसर में दाखिल हो गए और वहीं धरने पर बैठ गए थे।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर विपक्ष ने किया था प्रदर्शन
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी नेताओं को परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन वे वहां धरने पर बैठे रहे। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट से परिसर में प्रवेश कर गए थे। इसके बाद नेताओं ने परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठकर धरना दिया।
विपक्षी नेताओं ने एसआईआर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की। इसी मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। कांग्रेस ने एफआईआर को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
पीटीआई के इनपुट के साथ
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
