लॉकडाउन-2 का ऐलान: 3 मई तक बढ़ी अवधि, 20 अप्रैल तक रहे हालात नियंत्रित, तो कुछ जगहों पर मिलेगी राहत

कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नामसंबोधन किया।उन्होंनेआज खत्म होने जा रहे लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है।पिछली बार उन्होंने 24 मार्च को अपने संबोधन में 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रखने का ऐलान किया है। कोरोना के खिलाफ देश की जंग में ये चौथा मौका है जब पीएम मोदी देश को संबोधित किया। आइए जानते हैं कि उन्होंने अपने संबोधन क्या कहा?

कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई मजबूती से आगे बढ़ रही है

आपके सहयोग के चलते भारत कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है

आप लोगों ने कष्ट सहकर भी देश को बचाया है

मै जानता हूं कि आपको कितनी दिक्कतें हुई, किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी, कोई घरपरिवार से दूर है लेकिन आप देश की खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं, मैं आप सबको आदरपूर्वक नमन करता हूं

हमारे संविधान में ‘वी द पीपल ऑफ इंडिया’ की शक्ति की बात कही गई है,यही तो है यह

बाबा साहब की जन्म जयंती पर हम भारत के लोगों की तरफ से अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन, यह संकल्प बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि है

बाबा साहब का जीवन में हमें परिश्रम से पार करने की प्रेरणा देता है

मैं सभी देशवासियों की तरफ से बाबा साहब को नमन करता हूं

देश में के अलग-अलग हिस्सों में त्योहारों का समय है। भारत में तो उत्सवों का समय रहता है

उगेला बैठा, बिहू आदि के साथ अनेक राज्यो में नए वर्ष की शुरुआत हुई है

लॉकडाउन के इन बंधनों के बीच मैं देश के लोग जिस तरह नियमों का पालन कर रहे हैं, जितने संयम से घरों में रहकर त्योहार सादगीपूर्ण तरीके से मना रहे हैं वह सब प्रेरक हैं, प्रशंसनीय है

मैं नव वर्ष पर आपके और आपके परिवार के उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना करता हूं

पूरे विश्व में आज कोरोना वायरस वैश्विक महामारी की जो स्थिति है उससे हम भलिभांति परिचित हैं। अपने देश में हमने कैसे इसे रोका है आप इसके सहयोगी भी रहे हैं और साक्षी भी

जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आ वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरु कर दी थी

कोरोना की संख्या 100 पहुंचने से पहले ही विदेश से आए लोगों का 14 जिन का आइसोलेशन अनिवार्य कर दिया था

हमारे यहां जब सिर्फ 550 केस थे तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का बहुत बड़ा कदम उठा लिया था, भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, जैसे ही समस्या दिखी उसे तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का भरसक प्रयास किया

वैसे यह ऐसा संकट है जिसमें किसी भी देश के साथ तुलना करना उचित नहीं है लेकिन फिर भी कुछ सच्चाइयों को हम नकार नहीं सकते, यह भी सच्चाई है कि अगर दुनिया के बड़े-बड़े सामर्थवायन देशों के आंकड़े देखे तो भारत बहुत संभली हुई स्थिति में है

महीना-डेढ़ महीना पहले कई देश संक्रमण के मामले में एक प्रकार से भारत के बराबर खड़े थे। आज उन देशों में कोरोना के केस भारत की तुलना में केस 25-30 गुना बढ़ गए हैं, हजारों लोगों की दुखद मृत्यु हुई है

भारत ने होलिस्टिक, इंटीग्रेटेड अप्रोच नहीं अपनाई होती, समय पर फैसले न लिए होते तो आज भारत क स्थिति क्या होती इसकी कल्पना करते ही रोएं खड़े हो जाते हैं

लेकिन बीते दिनों के अनुभवों से साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है

सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का बहुत बड़ा लाभ देश को मिला है अगर आर्थिक नजर से देखें तो एक महंगा जरूर लगता है, बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन भारतवासियों की जिंदगी के आगे इसकी कोई कीमत नहीं है

सीमित संसाधनों के बावजूद भारत जिस मार्ग पर चला है उसकी दुनिया भर में चर्चा स्वाभाविक है

राज्य सरकारों और अन्य संगठनों ने बहुत जिम्मेदारी से काम किया है

24 घंटे हर किसी ने प्रयास किया है और हालत को संभाला भी है, लेकिन इन सब प्रयासों के बीच कोरोना जिस तरह फैल रहा है, उसने विश्व भर में हेल्थ एक्सपर्ट को और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है। भारत में भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े, हम विजयी कैसे हों, हमारे यहां नुकसान कम से कम कैसे हो, लोगों की दिक्कतें कम कैसे करें, इन बातो कों लेकर राज्यों के साथ चर्चा की गई, इस चर्चा से सुझाव आता है, नागरिकों की तरफ से भी सुझाव आया कि लॉकडाउन को बढाया जाए, कई सरकारों ने कहा कि लॉकाडाउन को बढ़ाया जाए।

सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए फैला हुआ है कि भारत मे लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाया जाए, 3 मई तक हर किसी को लॉकडाउन में रहना है

इस बार भी पालन वैसे ही करना है जैसे अब तक करते रहे हैं

मेरी सभी देशवासियों से प्रार्थना है कि कोरोना को हमें नए क्षेत्रों में नहीं फैलने देना है। स्थानीय स्तर पर अगर एक भी मरीज बढ़ता है तो हमारे लिए चिंता की बात होगी

किसी की भी मृत्यु होती है तो हमारी चिंता और बढ़नी चाहिए

इसीलिए पहले से भी ज्यादा बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी ही होगी

जिन स्थानों के हॉस्पॉट में बदलने की आशंका है, उन पर नजर रखनी होगी, कठोर कदम उठाने होंगे

नए हॉटस्पॉट बनना हमारे परिश्रम और तपस्या को चुनौती देंगे

अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी

20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने हर जिले को बड़ी बारीकी से परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है। इस क्षेत्र ने खुद को कोरोना से कितना बचाया है, इसका मूल्यांकन लगातार होगा

जो क्षेत्र इसमें सफल होंगे, जो अपने यहां हॉटस्पाट नहीं बढ़ने देंगे, जिनके हॉट स्पॉट बनने की आशंका कम होगी, वहां 20 अप्रैल से कुछ गतिविधियों की अनुमति या छूट दी जा सकती है, लेकिन यह अनुमति सशर्त होगी। बाहर निकलने के नियम बहुत सख्त होंगे। लॉकडाउन के नियम अगर टूटते हैं और कोरोना का पैर हमारे इलाके में पड़ता है तो सारी अनुमति तुरंत वापस ले ली जाएगी, इसलिए न खुद लापरवाही करनी है और न किसी को लापरवाही करने देना है

मेरे देशवासियों कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी

20 अप्रैल से सीमित क्षेत्र में सीमित छूट का प्रावधान गरीबों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जो रोज कमाते हैं वहीं मेरा परिवार है, मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओँ में उनके जीवन की दिक्कतों को कम करना है

पीएम गरीब कल्यायण योजना में उनका ध्यान रखा गया है, नई गाइडलाइन में उनका ध्यान रखा गया है

रबी फसल की कटाई का काम जारी है, केंद्र और राज्य कोशिश कर रहे हैं कि किसानों को कम से कम परेशानियां हों।

देश में दवा से लेकर अनाज तक का पर्याप्त भंडार है

सप्लाई चेन की दिक्कतें दूर की जा रही हैं

स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दिक्कतें दूर हो रही है

220 से ज्यादा लैब टेस्टिंग का काम कर रही हैं

विश्व का अनुभव कहता है कि कोरोना के 10 हजार मरीज होने पर 15-1600 बेड जरूर हों। हम भारत में एक लाख से अधिक बेड की व्यवस्था कर चुके हैं

600 से ज्यादा अस्पताल सिर्फ कोविड का इलाज कर रहे हैं

भारत के पास सीमित संसाधन हो भले ही लेकिन मेरा भारत के वैज्ञानिकों से आग्राह है कि विश्व कल्याण और मानव कल्याण के लिए आगे आएं और कोरोना की वैक्सीन बनाने का मेरे देश के नौजवान काम करें। हम धैर्य बनाकर रखेंगे, नियमों का पालन करेंगे तो कोरोना को परास्त करेंगे

मैं आपका साथ मांग रहा हूं

अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, खासतौर से उनका जिन्हें पुरानी बीमारी हो, उनकी हमें एक्स्ट्रा केयर करनी है, उन्हें कोरोना से बहुत बचाकर रखना है

लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें। घर में बने फेस कवर या मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्राल द्वारा दिए गए सुझावों का पालन करें

कोरोना फैलाव रोकने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल एप को जरूर डाउनलोड करें, दूसरे को भी प्रेरित करें

जितना हो सके, उतने गरीब परिवार की देखरख करें। उनके भोजन की आवश्यकता पूरी करें

आप अपने व्यवसाय अपने उद्योग में अपने साथ काम करने वालों के प्रति संवेदना रखें, किसी को नौकरी से न निकालें

कोरोना वारियर्स, डॉक्टर, नर्स. पुलि, सफाईकर्मियों का सम्मान करें

इन सात बातों में आपका साथ, इस लडाई में विजयी होना का मार्ग है, पूरी नष्ठा केसाथ 3 मई तक लॉकडाउन के नियमों का पालन करें

हम सभी राष्ट्र को जीवं बनाए रखेंगे

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Published: 14 Apr 2020, 10:41 AM
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