'मुंबई में प्रदर्शन के लिए जा रहे आदिवासी छात्रों को हिरासत में लिया गया', कांग्रेस ने फडणवीस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस ने दावा किया कि आदिवासी विकास मंत्री और विभाग के आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज करने की धमकी दी गई और उन्हें लेकर आ रही एक बस को जब्त कर लिया गया।

'मुंबई में प्रदर्शन के लिए जा रहे आदिवासी छात्रों को हिरासत में लिया गया', कांग्रेस ने फडणवीस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
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  • कांग्रेस का आरोप, पुलिस ने कई आदिवासी छात्रों को रोककर हिरासत में लिया

  • मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आजाद मैदान में प्रदर्शन करने मुंबई आए थे छात्र

  • पुलिस पर मुंबई स्थित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जबरन घुसने के आरोप

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने आरोप लगाया कि सोमवार तड़के पुलिस ने कई आदिवासी छात्रों को रोककर हिरासत में ले लिया। ये छात्र आदिवासी विकास मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आजाद मैदान में प्रदर्शन करने मुंबई आए थे।

वहीं यूथ कांग्रेस ने पुलिस पर मुंबई स्थित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जबरन घुसने के आरोप लगाए हैं। यूथ कांग्रेस ने सोमवार को एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर लिखा, "मुंबई स्थित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अवैध रूप से घुसी महाराष्ट्र पुलिस। वहां रात गुजार रहे वही आदिवासी छात्र निशाने पर हैं, जो नासिक से मुंबई तक पैदल चलकर आश्रम स्कूलों में हुई 584 छात्र मौतों का हिसाब और आदिवासी विकास मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। जवाब देने की जगह BJP सरकार ने पुलिस भेज दी और छात्रों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।"

यूथ कांग्रेस ने सवाल किया कि एक राजनैतिक पार्टी के कार्यालय में घुसने का लाइसेंस मुम्बई पुलिस को किसने दिया?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना

विपक्षी दल ने कहा कि धमकियों से छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और वह आदिवासी छात्रों के ‘‘जायज अधिकारों के लिए संघर्ष’’ में उनके साथ खड़ा रहेगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन्हें धमकाना और पुलिस बल का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मूल्यों को दबाने के समान है।’’


कांग्रेस का आरोप- छात्रों को धमकी दी गई

कांग्रेस के अनुसार, आदिवासी छात्र छात्रवृत्ति, आश्रम (आवासीय) स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, छात्रावासों समेत अपनी विभिन्न मांगों के समाधान के लिए 10 दिन से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से कई छात्र बसों से और पैदल मुंबई पहुंचे थे। वे अपनी समस्याओं का समाधान नहीं करने पर आदिवासी विकास मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

कांग्रेस ने दावा किया कि आदिवासी विकास मंत्री और विभाग के आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज करने की धमकी दी गई और उन्हें लेकर आ रही एक बस को जब्त कर लिया गया।

आरोप है कि मुंबई पुलिस ने तड़के करीब तीन बजे छात्रों को रोका, उनकी तस्वीरें लीं और उन्हें हिरासत में ले लिया।

हर्षवर्धन सपकाल का महाराष्ट्र सरकार पर आरोप

कांग्रेस ने छात्रों के खिलाफ की गई इस कथित कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने आए थे।

एक अलग बयान में, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग किया और पार्टी के तिलक भवन कार्यालय में जबरन घुसने की कोशिश की, जहां नासिक से पैदल चलकर मुंबई आए आदिवासी छात्र ठहरे हुए थे।

सपकाल ने मांग की कि पुलिस कार्यालय में अवैध रूप से घुसने और छात्रों को धमकाने एवं जबरन हिरासत में लेने की कोशिशों को तुरंत बंद किया जाए।

पीटीआई के इनपुट के साथ

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