
कोरोना वायरस के लॅाकडाउन के बीच इस वक्त मुंबई पुलिस और अजय देवगन के बीच चल रही बातचीत चर्चा में है। जहां लगातार दोनों एक दूसरे की तारीफ कर रहे हैं। सबसे पहले मुंबई पुलिस ने अजय देवगन को सिंघम कहते हुए शुक्रिया अदा किया। वहीं अब अजय देवगन ने अपने नए ट्वीट में कहा है कि सिंघम को जब बुलायेंगे वो खाकी पहनकर आ जाएगा। आपको बता दें कि अजय देवगन लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से कोविड 19 के काम में जुटे मुंबई पुलिस और डॅाक्टर्स के योगदान की तारीफ कर रहे हैं।
फरहान अख्तर ने अपनी आगामी फिल्म "तूफ़ान" के पहले लुक पोस्टर के साथ सुर्खियां बटोर रहे हैं। एक स्पोर्ट्सपर्सन के किरदार को चित्रित करने के लिए, फरहान को कई तरह के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन से गुजरना पड़ा है। फरहान ने इसके लिए पेशेवर मुक्केबाजी में प्रशिक्षण लिया है। उन्हें पहले, फ़िल्म के एक भाग के लिए अपना वजन कम कर के दमदार फिसिक बनाने की जरूरत थी। जिसके बाद, उन्हें फिल्म में एक हिस्से के लिए इसे पहले जैसा करना पड़ा, जिसके लिए उन्हें 6 सप्ताह में 15 किलो वजन बढ़ाना था। फिट होने से लेकर वजन बढ़ाने तक का उनका यह शारिरिक ट्रांसफॉर्मेशन, उनकी टीम और उनके लिए बड़ी चुनौती थी।
बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सैनन ने भी इंस्टाग्राम पर एक ऐसा पोस्ट साझा किया है, जो आपके दिलों को छू जाएगी। दरअसल, कृति ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उनकी बहन व गायिका नुपूर सैनन अपने घर में स्विंग चेयर पर बैठी एक कविता सुनाती नजर आ रही हैं। इस कविता की खासियत यह है कि इसे खुद नुपूर ने लिखा है। कविता का शीर्षक तो तुम इसलिए है। अपने इस पोस्ट के कैप्शन में कृति ने लिखा है, "हम आज की इस भागदौड़ भरी दुनिया में प्यार को लेकर अकसर सवाल उठाते हैं, जहां गहरी संवेदनाओं की बहुत कमी है..पेश है नुपूर सैनन द्वारा लिखी गई एक खूबसूरत कविता!! यह मेरे दिल को छू गई है, उम्मीद करती हूं कि इससे आप भी भावुक होंगे! नुपूर..तुम इतनी बड़ी कब हो गई?"
अमिताभ बच्चन अपने पिता कवि हरिवंश राय बच्चन को याद करते हुए हाल ही में रो दिए थे। वो उनकी कविता पढ़ रहे थे और उनको हरिवंश राय बच्चन की याद आ गई। अमिताभ बच्चन ने बाबूजी की मशहूर कविता.. 'है अंधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है' गाई और इस भावुक कर देने वाले वीडियो को शेयर किया है। इसके अलावा वो लिखते हैं.. 'मैं अपने बाबूजी और उनकी कविता को याद करता हूं, जो आशा और ताकत को दर्शाती है। उसी तरह गा रहा हूं, जैसे बाबूजी कवि सम्मेलन में गाया करते थे, जिसमें मैं उनके साथ जाया करता था।'
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अभिनेता के. के. मेनन का कहना है कि उनके पास वह गुण या कौशल नहीं है, जिसके तहत वह अपना प्रचार कर सके और इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रचार में नहीं बल्कि काम करने में यकीन रखते हैं। एक प्रतिभाशाली व सम्माननीय अभिनेता होने के बावजूद के. के. कई लोगों के लिए किसी पहेली से कम नहीं हैं। वह मुश्किल से ही कभी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। क्या आत्म-प्रचार एक ऐसी चीज है, जिससे वह बचते हैं या जिसे वह नापसंद करते हैं, इस पर उन्होंने जवाब दिया, "इस काम में मैं बिल्कुल भी कुशल नहीं हूं, मुझमें वाकई में अपना खुद का प्रचार करने के गुणों का अभाव है। कुछ लोग इसमें माहिर हैं और वे धन्य हैं, लेकिन मुझमें यह कला नहीं है।"
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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