
कतर ने ईरान के साथ अपने राजनयिक संबंध बहाल कर लिए हैं। तेहरान के साथ उसके संबंध 2016 से ही सीमित थे। कतर का अरब देशों के साथ भी पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है।
कतर ने इस फैसले की घोषणा करते हुए अरब देशों के साथ जून से चल रहे राजनयिक संकट का जिक्र नहीं किया। अरब देशों ने उसके साथ भूमि तथा वायुमार्गों का संपर्क तोड़ दिया था।
कतर का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कतर के एक शाही परिवार को सऊदी अरब बहुत ज्यादा सम्मान दे रहा है। 1972 में इसी शाही परिवार को कतर के तख्ता पलट के दौरान पद से हटा दिया गया था।
कतर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कतर ने ईरान के साथ हर क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की आकांक्षा व्यक्त की है। तेहरान में फिर से वह अपना राजदूत भेजेगा।
ईरान की सरकारी मीडिया ने भी इस बात को स्वीकार किया। हालांकि उन्होंने इस पर उन्होंने विस्तृत बयान नहीं दिया। 2016 में कतर ने अपने राजदूत को ईरान से वापस तो बुला लिया था, लेकिन उसने ईरान के साथ अपने व्यापारिक संबंध नहीं तोड़े थे।
कतर और ईरान प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार को आपस में साझा करते हैं।
Published: 24 Aug 2017, 8:14 PM IST
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Published: 24 Aug 2017, 8:14 PM IST