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अर्थतंत्र की खबरें: सोने-चांदी की कीमतों में फिर आई तेजी और शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी

बुधवार को कीमती धातुओं यानी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। इससे पहले लगातार दो सत्रों तक दोनों की कीमतों में गिरावट देखी गई थी। वहीं निवेशकों की नई खरीदारी के चलते कमोडिटी बाजार में फिर से तेजी आई।

फोटो: IANS
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वैश्विक मैक्रो-इकॉनॉमिक (आर्थिक) कारणों के चलते सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को कीमती धातुओं यानी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। इससे पहले लगातार दो सत्रों तक दोनों की कीमतों में गिरावट देखी गई थी। वहीं निवेशकों की नई खरीदारी के चलते कमोडिटी बाजार में फिर से तेजी आई।

दिन के कारोबार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 1,53,554 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया, जो दिन का उच्चतम स्तर है। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब 4 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,38,564 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

हालांकि खबर लिखे जाने तक (शाम 7 बजे) एमसीएक्स पर अप्रैल वायदा सोना 1.87 प्रतिशत यानी 2,692 रुपए की तेजी के साथ 1,54,130 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, तो वहीं मार्च वायदा चांदी 4.90 प्रतिशत यानी 11,218 रुपए की उछाल के साथ 2,40,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,900 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गई। हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से कुछ सहारा मिला, लेकिन कमोडिटी बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।

बाजार विशेषज्ञों ने बताया अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति से तनाव कम होने और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने की तेजी सीमित रही, क्योंकि इससे सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग कम हो गई। एशियाई बाजारों में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण कम कारोबार भी तेजी में बाधा बना।

जिनेवा में हुई बातचीत के दौरान अमेरिका और ईरान ने भविष्य की परमाणु वार्ता के लिए कुछ बुनियादी सिद्धांतों पर सहमति जताई, जिससे कूटनीतिक प्रगति की उम्मीद बढ़ी।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत को पहले से ज्यादा सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष संभावित समझौते के लिए मसौदा तैयार कर आदान-प्रदान करेंगे, लेकिन यह अंतिम समझौता होने का संकेत नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ बल प्रयोग की धमकी तुरंत बंद करनी चाहिए।

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शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 283 अंक चढ़ा

मजबूत वैश्विक रुझान के बीच बुधवार को बैंक, धातु एवं एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 283 अंक चढ़ गया जबकि निफ्टी में 94 अंक की मजबूती रही।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 283.29 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढ़कर 83,734.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 83,770.05 अंक के उच्च स्तर तक पहुंच गया था।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 93.95 अंक यानी 0.37 प्रतिशत बढ़कर 25,819.35 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में से टाटा स्टील, आईटीसी, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में प्रमुख रूप से बढ़त रही।

दूसरी तरफ, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी इंडिया और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट रही।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘सतर्क शुरुआत के बाद अंतिम घंटे में व्यापक खरीदारी से बाजार में तेजी आई। बैंकिंग एवं वित्तीय शेयर स्थिर परिसंपत्ति गुणवत्ता की उम्मीदों के कारण मजबूत रहे, जबकि चुनिंदा एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी से बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला।’’

नायर ने कहा कि आईटी क्षेत्र एआई की वजह से व्यापक व्यवधान और मार्जिन पर दबाव की आशंकाओं से प्रभावित रहा। निफ्टी 500 कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे अनुमानों के अनुरूप रहने से मध्यम अवधि में घरेलू आर्थिक स्थिरता के संकेत मिलते हैं।

व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का सूचकांक बीएसई स्मालकैप सेलेक्ट 1.02 प्रतिशत चढ़ गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप में 0.40 प्रतिशत की तेजी रही।

क्षेत्रवार सूचकांकों में पीएसयू बैंक खंड 1.41 प्रतिशत चढ़ गया जबकि धातु खंड में 1.24 प्रतिशत, एफएमसीजी खंड में 1.16 प्रतिशत और पूंजीगत उत्पाद खंड में 0.89 प्रतिशत की बढ़त रही।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,237 कंपनियों के शेयर चढ़कर बंद हुए जबकि 1,955 शेयरों में गिरावट रही और 191 अन्य अपरिवर्तित रहे।

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रुपया पांच पैसे बढ़कर 90.67 प्रति डॉलर पर

विदेशी कोषों का निवेश बढ़ने और घरेलू शेयर बाजार में तेजी के रुख की वजह से अंतरबैंक विदेशीमु्द्रा विनिमय बाजार में बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे बढ़कर 90.67 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि हालांकि, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मजबूत होते डॉलर ने रुपये में तेज बढ़त को रोक दिया।

अंतरबैंक विदेशी मु्द्रा विनिमय बाजार में, डॉलर के मुकाबले रुपया 90.60 पर खुला और कारोबार के दौरान 90.60-90.71 के सीमित दायरे में कारोबार के बाद 90.67 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले पांच पैसे की बढ़त है।

मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया दो पैसे बढ़कर 90.72 पर बंद हुआ था।

फिनरेक्स ट्रेजरी परामर्शक एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक, अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर को संरक्षित किए जाने की वजह से रुपया सीमित दायरे में रहा।’’

इस बीच, विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर इंडेक्स 0.08 प्रतिशत बढ़कर 97.22 पर कारोबार कर रहा था।

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