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अर्थतंत्र की खबरें: लगातार तीसरे दिन तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ बाजार और रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ी

शेयर बाजार में पिछले तीन दिन से जारी तेजी से निवेशकों की संपत्ति 9.18 लाख करोड़ रुपये बढ़ गयी है।वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी के बीच निचले स्तर पर शेयरों की लिवाली से बाजार बढ़त में रहा।

फाइल फोटोः सोशल मीडिया
फाइल फोटोः सोशल मीडिया 

हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। आईटी और रियल्टी शेयरों के समर्थन से घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए।

इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.83 प्रतिशत या 633.29 अंक बढ़कर 76,704.13 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी50 0.83 प्रतिशत या 196.65 अंक बढ़कर 23,777.80 पर बंद हुआ।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने जहां Open :76,367.55 पर खुलकर 77,000.22 के उच्चतम स्तर को छुआ, वहीं निफ्टी ने 23,632.90 पर खुलकर 23,862.25 का उच्चतम स्तर छुआ।

बुधवार के सत्र में भी समग्र बाजार में तेजी देखने को मिली। व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप में 2.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मीडिया (3.35 प्रतिशत की उछाल), निफ्टी आईटी (2.78 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी रियल्टी (2.75 प्रतिशत की तेजी) सबसे अधिक लाभ कमाने वाले इंडेक्स रहे। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 1.92 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.79 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जबकि निफ्टी एफएमसीजी में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी50 इटरनल, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। जबकि, सिप्ला, एचयूएल, कोल इंडिया, एनटीपीस, सनफार्मा, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और हिंडाल्को के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयरों में शामिल रहे।

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रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ी, चीन जा रहे टैंकर्स ने भारत का किया रुख

अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध के बीच भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद को बढ़ा दिया है और कई टैंकर्स, जिनका निर्धारित गंतव्य स्थान चीन के पोर्ट्स थे, अब उन्होंने भारत का रुख किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कच्चे तेल से लदा अफ्रामैक्स टैंकर एक्वा टाइटन, 21 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंचने वाला है, जिसमें यूराल्स का कच्चा तेल होगा।

जनवरी के अंत में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह से तेल लोड करने के बाद जहाज ने शुरू में चीन के रिझाओ को अपना गंतव्य निर्धारित किया था।

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के मध्य में अचानक अपना रास्ता बदलते हुए, जहाज दक्षिण चीन सागर में मुड़ गया और भारत की ओर बढ़ने लगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब अमेरिका दुनिया के सभी देश कों रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

ऐसे में भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने अपनी कच्चे तेल की खरीद को बढ़ा दिया है और केवल एक हफ्ते में करीब 30 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल खरीद लिया है।

ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के बाद आपूर्ति संबंधी चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से खरीदारी में यह उछाल दर्ज किया गया है।

यह बदलाव केवल एक टैंकर तक सीमित नहीं है। एनालिटिक्स फर्म वोर्टेक्सा के आंकड़ों से पता चलता है कि हाल के हफ्तों में रूसी तेल ले जाने वाले कम से कम सात जहाजों ने चीन से भारत की ओर अपना मार्ग बदल लिया है।

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रुपया 23 पैसे टूटकर 92.63 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर

मजबूत डॉलर और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के दबाव में रुपया बुधवार को 23 पैसे टूटकर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 92.63 प्रति डॉलर (अस्थायी) के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.42 के भाव पर खुला और अधिकांश समय 92.41-92.48 के दायरे में कारोबार करता रहा। लेकिन सत्र के अंतिम चरण में गिरावट के साथ यह 92.63 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 92.65 प्रति डॉलर के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर भी आया।

इससे पहले मंगलवार को रुपया 92.47 के स्तर को छूने के बाद 92.40 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक समीक्षा बैठक से पहले रुपया नए निचले स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी इसे 92.50 के स्तर के पार जाने दिया।’’

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत बढ़कर 99.62 पर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड लगभग स्थिर रुख के साथ 103.4 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

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