
शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 900 अंक चढ़ गया जबकि एनएसई निफ्टी में 285 अंक की तेजी रही। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच हाल की गिरावट के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी के अनुरूप घरेलू बाजार बढ़त में रहे।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसक्स में चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर विराम लगा और यह 899.71 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80,015.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 1,187.64 अंक तक चढ़ गया था।
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 285.40 अंक यानी 1.17 प्रतिशत चढ़कर 24,765.90 पर बंद हुआ। इसके साथ बाजार में लगातार तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और इंटरग्लोब एविएशन प्रमुख रूप से लाभ में रहे।
दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.84 प्रतिशत बढ़कर 82.90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके साथ कई दिनों से जारी तेज गिरावट का सिलसिला थम गया। पश्चिम एशिया के संघर्ष के छठे दिन में प्रवेश करने के साथ, स्थिति के समाधान या और अधिक बढ़ने को लेकर अनिश्चितता है। इससे बाजार प्रतिभागियों ने सतर्क रख अपनाया है और वे सोच-विचार कर कारोबार कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले सत्रों में जो घबराहट देखने को मिली थी, उसमें अब कुछ कमी देखी जा रही है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इंडिया उतार-चढ़ाव सूचकांक (इंडिया वीआईएक्स) हाल के उच्च स्तर से 15 प्रतिशत से अधिक नीचे आया है।’’
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दो दिन की गिरावट के बाद बृहस्पतिवार को पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखी गई।
निचले स्तर पर लिवाली और बाजार में सुधार के कारण हिंदुस्तान पेट्रोलियम का शेयर 4.19 प्रतिशत, भारत पेट्रोलियम का 1.19 प्रतिशत और इंडियन ऑयल का 0.59 प्रतिशत बढ़ गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स चार दिन की गिरावट के बाद 899.71 अंक यानी 1.14 प्रतिशत बढ़कर 80,015.90 अंक पर बंद हुआ।
इससे पहले पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के चलते बुधवार को इन कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई थी।
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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरकर 45 पैसे की बढ़त के साथ 91.60 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप की खबरों के कारण भारतीय मुद्रा में यह उछाल आया।
विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण पैदा हुई अनिश्चितताओं और अत्यधिक उतार-चढ़ाव से स्थानीय मुद्रा को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप किया। हालांकि, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी कोषों की भारी निकासी ने रुपये पर दबाव बनाए रखा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.16 पर खुला और कारोबार के दौरान 91.30 के उच्चस्तर तक पहुंचा। कारोबार के अंत में यह 91.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 45 पैसे की बढ़त है।
बुधवार को रुपया 56 पैसे टूटकर 92.05 प्रति डॉलर के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। इससे पहले सोमवार को भी इसमें 41 पैसे की गिरावट दर्ज की गई थी। मंगलवार को होली के कारण विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहा।
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