अर्थतंत्र

अर्थतंत्र की खबरें: IT शेयरों में बिकवाली से घरेलू बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 893 अंक लुढ़का, रुपया भी कमजोर

विश्लेषकों ने कहा कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाने का काम किया।

फोटोः IANS
फोटोः IANS 

वैश्विक बाजारों में कमजोरी और आईटी कंपनियों एवं एचडीएफसी बैंक के शेयरों में नुकसान के बीच घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को खासी गिरावट आई। सेंसेक्स 893 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी में 279 अंक की गिरावट दर्ज की गई।

विश्लेषकों ने कहा कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाने का काम किया।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत टूटकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,011.56 अंक तक गिरकर 76,082.51 अंक के निचले स्तर पर आ गया था।

इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 278.80 अंक यानी 1.16 प्रतिशत गिरकर 23,824.10 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयर में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, एचसीएल टेक और भारतीय स्टेट बैंक भी नुकसान में रहे।

दूसरी तरफ पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, एक्सिस बैंक, सन फार्मा और मारुति सुजुकी के शेयर बढ़त में रहे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 635.91 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भारी गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार भी नुकसान में कारोबार कर रहे थे।

Published: undefined

रुपया 11 पैसे टूटकर 94.74 प्रति डॉलर पर

रुपया मंगलवार को 11 पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.74 (अस्थायी) पर रहा। डॉलर के मजबूत होने और घरेलू बाजार के कमजोर रहने से रुपये पर दबाव है। हालांकि, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही, जिससे रुपये की गिरावट सीमित रही।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.73 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.63 से 94.92 के स्तर तक पहुंचा और अंत में 94.74 (अस्थाीय) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले भाव से 11 पैसे की गिरावट है। रुपया सोमवार को 30 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.63 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और घरेलू बाजारों के कमजोर पड़ने के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। हालांकि, कच्चे तेल की गिरती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी ने गिरावट को कुछ हद रोक लिया।’’

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के प्रमुख निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा, ‘‘निकट भविष्य में रुपया 94.60 से 94.95 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार कर सकता है। वाणिज्यिक बैंकों द्वारा जुटाए जा रहे विदेशी मुद्रा प्रवासी बैंक (एफसीएनआर- बी) जमा के डेटा से वायदा बाजार काफी हद तक प्रभावित होगा।’’

Published: undefined

एआई आईटी कंपनियों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उन्हें मजबूत करेगा: नीलेकणि

इन्फोसिस के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) आईटी कंपनियों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उन्हें और अधिक सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी 2030 तक 400 अरब डॉलर के एआई-केंद्रित सेवाओं के बड़े अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार है।

कंपनी की 45वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए नीलेकणि ने तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलावों के कारण आईटी उद्योग के सामने मौजूद ‘‘अस्तित्व से जुड़े सवाल’’ पर चर्चा की।

उन्होंने कहा, ‘‘ जनरेटिव एआई (जेनएआई) के शुरू होने के तीन साल बाद भी इन्फोसिस पहले से अधिक प्रासंगिक है और आने वाले दशक के लिए अच्छी स्थिति में है। हम बेहतर कोडिंग उपकरणों को अपनाते हुए अपनी उत्पादकता बढ़ा रहे हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर विकास के क्षेत्र में अभी बहुत काम बाकी है। ’’

उन्होंने कहा कि बड़े उद्यम ग्राहकों में एआई के उपयोग को लेकर एक अंतर मौजूद है और उसे पाटना ही सबसे बड़ा अवसर है।

नंदन नीलेकणि ने कहा, ‘‘ एआई हमारी जैसी कंपनियों की जगह नहीं लेगा। यह उन कंपनियों को और मजबूत करेगा जो उद्देश्य के साथ आगे बढ़ती हैं और तेजी से खुद को ढालती हैं।’’

Published: undefined

डॉलर में तेज़ी के बीच दिल्ली में सोना 3,000 रुपये सस्ता हुआ, चांदी 10,500 रुपये टूटी

विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतें 3,000 रुपये टूटकर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गईं, जबकि चांदी 10,500 रुपये लुढ़ककर दो महीने से ज्यादा के निचले स्तर पर आ गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 3,000 रुपये या दो प्रतिशत घटकर 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई।

सोना आखिरी बार 27 मार्च को इस स्तर के आसपास रहा था, जब इसकी कीमत 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।

चांदी पर भी बिकवाली का असर पड़ा और यह 10,500 रुपये या 4.3 प्रतिशत टूटकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई, जो दो महीने से ज्यादा समय में इसका सबसे निचला स्तर है। चांदी तीन अप्रैल को 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘मंगलवार को घरेलू बाजारों में सोने की कीमतें कम रहीं क्योंकि मजबूत डॉलर और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों का कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।’’

कोटक सिक्योरिटीज में जिंस शोध की एवीपी, कायनात चैनवाला ने कहा, ‘‘सोमवार को कीमती धातुओं में थोड़ी बढ़त देखी गई थी क्योंकि अमेरिका-ईरान बातचीत में प्रगति का असर कच्चे तेल पर पड़ा था, लेकिन यह बढ़त ज्यादा समय तक नहीं टिक पाई क्योंकि ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें फिर से हावी हो गईं।’’

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना 70.33 डॉलर या लगभग दो प्रतिशत टूटकर 4,121.10 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी चार प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 62.27 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

विश्लेषकों ने कहा कि मजबूत डॉलर कीमती धातुओं के लिए मुख्य बाधा बनकर उभरा है।

मिराए एसेट शेयरखान में जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ‘‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चिंताओं के कारण जिंसों पर दबाव है, इसलिए हाजिर सोने की कीमत लगभग दो प्रतिशत टूटकर 4,120 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई।’’

लगातार छठे सत्र में बढ़त के साथ डॉलर इंडेक्स 101.15 के स्तर पर पहुंच गया, जो मई, 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कारोबारी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की संभावना को ध्यान में रख रहे हैं।

Published: undefined