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अर्थतंत्र की खबरें: सोने-चांदी में उछाल, रिकॉर्ड गिरावट के बाद संभला रुपया और शेयर बाजार सपाट बंद

मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे दोनों कीमती धातुओं को मजबूती मिली

फोटो: ians
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वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगाई की चिंताओं और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली। मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे दोनों कीमती धातुओं को मजबूती मिली। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से चीन के केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी और मजबूत निवेश मांग ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,59,425 रुपए के मुकाबले 1,205 रुपए यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,630 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो दिन का उच्चतम स्तर रहा। वहीं दिन में एक समय इसने 1,59,601 रुपए का निचला स्तर छुआ। हालांकि कारोबार के दौरान इसमें हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली, लेकिन कीमतें मजबूती के साथ बनी रहीं।

खबर लिखे जाने तक अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स 1,124 रुपए यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,549 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि यह अभी भी अपने वार्षिक रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपए प्रति 10 ग्राम से नीचे बना हुआ है।

सोने के साथ-साथ चांदी में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 2,43,243 रुपए से 1,745 रुपए यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,44,988 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली।

वहीं, कारोबार के दौरान चांदी 2,986 रुपए यानी 1.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,46,229 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई, जबकि एक समय इसने 2,44,251 रुपए का दिन का निम्नतम स्तर छुआ।

खबर लिखे जाने तक यह 2,054 रुपए यानी 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,45,562 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। हालांकि यह अपने सालाना रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम से अभी भी काफी नीचे है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी का माहौल देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोना 4,577 डॉलर प्रति औंस पर खुला और बाद में यह 4,604.40 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि यह 40.60 डॉलर यानी 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,612 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता नजर आया।

वहीं, कॉमेक्स पर चांदी 68.29 डॉलर प्रति औंस पर खुली और एक समय 0.96 डॉलर की बढ़त के साथ 69.25 डॉलर प्रति औंस के हाई पर पहुंच गई। हालांकि यह 0.77 डॉलर यानी 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 68.88 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती नजर आई।

वैश्विक बाजार में सोना के 4,612 डॉलर और चांदी के करीब 69 डॉलर प्रति औंस के आसपास बने रहने से घरेलू बाजार को भी मजबूती मिली।

भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद, मेटल और बैंकिंग स्टॉक्स में हुई खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में करीब सपाट बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 3 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 और निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,252.00 पर था।

सत्र के दौरान बाजार में खरीदारी को सहारा मेटल और बैंकिंग शेयरों ने दिया। सूचकांकों में निफ्टी मेटल 0.86 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी बैंक (0.46 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (0.46 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (0.40 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.32 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (0.22 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (0.15 प्रतिशत) की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए।

इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी (0.74 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.60 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (0.46 प्रतिशत), निफ्टी कंजप्शन (0.40 प्रतिशत) और निफ्टी हेल्थकेयर ( 0.25 प्रतिशत) की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।

लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 64.20 अंक या 0.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,735.75 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 136.30 अंक या 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,977.75 पर था।

सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, टाइटन, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक गेनर्स थे। ट्रेंट, मारुति सुजुकी, इंडिगो, एचसीएल टेक, एचयूएल, इन्फोसिस, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस लूजर्स थे।

बाजार के जानकारों ने कहा कि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर मार्केट में चिंता का कारण बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लगातार महंगाई की आशंकाओं के बीच, बॉन्ड यील्ड को कम करने के लिए यूएस ट्रेजरी के हालिया कदम से कोई खास और लंबे समय तक रहने वाली राहत नहीं मिली। घरेलू स्तर पर, आरबीआई की सख्त रुख वाली मीटिंग के मिनट्स और स्थानीय महंगाई के जोखिम व कम लिक्विडिटी के कारण भारत की 10-साल की बॉन्ड यील्ड दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 9.9 अरब डॉलर बढ़कर 716.9 अरब डॉलर पर

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 9.90 अरब डॉलर बढ़कर 716.91 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इससे पिछले सप्ताह, सात अगस्त को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 14.14 अरब डॉलर बढ़कर 707.002 अरब डॉलर रहा था।

इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से कई सप्ताह तक भंडार में गिरावट आई थी। रुपये पर दबाव बढ़ने के बीच आरबीआई को डॉलर की बिक्री के जरिये विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा था।

केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 7.22 अरब डॉलर बढ़कर 581.85 अरब डॉलर हो गईं।

डॉलर के संदर्भ में इन विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है।

आरबीआई और सरकार ने पिछले महीने देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए कई उपाय शुरू किए थे, जिनमें विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) जमा से जुड़े उपाय भी शामिल है। देश को 13 अगस्त तक रियायती मुद्रा अदला-बदली के तहत 56.85 अरब डॉलर प्राप्त हो चुके हैं।

रुपया तीन पैसे की बढ़त के साथ 95.71 प्रति डॉलर पर

रुपया शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले तीन पैसे की बढ़त के साथ 95.71 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कमजोर डॉलर और घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख के कारण रुपया शुरुआती कारोबार में बढ़त में रहा। हालांकि, वैश्विक तनाव जारी रहने के कारण रुपये ने शुरुआती बढ़त गंवा दी।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.69 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.65 प्रति डॉलर के उच्चतम और 95.75 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गया। अंत में यह पिछले बंद भाव के मुकाबले तीन पैसे की बढ़त के साथ 95.71 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चर्चा के बीच रुपया मामूली नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी रुपये पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि, ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने के बीच अमेरिकी डॉलर में गिरावट रुपये को निचले स्तर पर बल दे सकती है। कारोबारियों की नजर अमेरिका के सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़ों पर रहेगी।’’

चौधरी के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये की हाजिर दर 95.50 से 96 के दायरे में रहने का अनुमान है।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.65 पर रहा।

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