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अर्थतंत्र की खबरें: भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला

बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच ताजा हमले, कच्चे तेल में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से लार्जकैप में हल्की कमजोरी देखने को मिली है।

फोटोः IANS
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भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 479.26 अंक या 0.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,009.70 और निफ्टी 118.00 अंक या 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,913.70 पर था।

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इटरनल, मारुति सुजुकी, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, एनटीपीसी और एलएंडटी गेनर्स थे। ट्रेंट, भारती एयरटेल, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, टाइटन, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।

लार्जकैप की अपेक्षा व्यापक बाजार में तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 332.30 अंक या 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,298.90 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 64.50 अंक या 0.35 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18,267.20 पर था।

सूचकांकों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मेटल (1.10 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (0.58 प्रतिशत), निफ्टी कमोडिटीज (0.48 प्रतिशत),निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.27 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.14 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (0.07 प्रतिशत) की तेजी के साथ बंद हुआ।

दूसरी तरफ निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.05 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.65 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.62 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (0.60 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (0.52 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (0.50 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुए।

बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच ताजा हमले, कच्चे तेल में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से लार्जकैप में हल्की कमजोरी देखने को मिली है। हालांकि, मिडकैप शेयरों में मजबूती बनी हुई है और इस कारण इंडेक्स ने सत्र के दौरान नया ऑल-टाइम हाई बनाया।

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एआई से नौकरियां जाने का मेरा अनुमान गलत, मशीन नहीं ले सकती इंसान की जगह : ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से नौकरियां बिल्कुल खत्म होने का कोई खतरा नहीं है। साथ ही कहा कि बड़ी संख्या में एआई के चलते व्हाइट कॉलर नौकरियां जाने का जो अनुमान पहले लगाया गया था, उसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया था।

सिडनी में कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए, ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें शुरू में उम्मीद की थी कि 2022 में चैटजीपीटी के लॉन्च के बाद एआई द्वारा प्रवेश स्तर की व्हाइट-कॉलर नौकरियों की एक बहुत बड़ी संख्या समाप्त हो जाएगी। लेकिन, इसका रोजगार पर प्रभाव अब तक अनुमान से कम गंभीर रहा है।

सीबीए के चीफ एग्जीक्यूटिव मैट कॉमिन के साथ बातचीत के दौरान ऑल्टमैन ने कहा, "मुझे यह जानकर खुशी हुई कि मेरा अनुमान गलत था।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगा था कि प्रवेश स्तर की व्हाइट-कॉलर नौकरियों के खत्म होने का असर अब तक जितना हुआ है, उससे कहीं ज्यादा होगा।"

ऑल्टमैन ने कहा कि ओपनएआई ने एआई में तकनीकी प्रगति की गति के बारे में "लगभग सही" अनुमान लगाया था, लेकिन सामाजिक और आर्थिक परिणामों के बारे में "काफी गलत" साबित हुआ। उनके अनुसार, नौकरियों के खत्म होने को लेकर शुरुआती आशंकाएं उस समय के वास्तविक खतरे के कारण थीं।

उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब एचएसबीसी, अमेजन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया सहित कई वैश्विक कंपनियों ने स्वीकार किया है कि उनके संगठनों के कुछ पदों को एआई-आधारित उपकरणों और स्वचालन द्वारा प्रतिस्थापित या नया रूप दिया जा रहा है।

हालांकि, ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें यह एहसास होता जा रहा है कि मानवीय संपर्क कई नौकरियों का एक अनिवार्य हिस्सा बना हुआ है और मशीनों द्वारा इसकी आसानी से नकल नहीं की जा सकती।

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ईरान पर नए हमलों के बाद डॉलर मांग बढ़ने से सोने वायदा भाव टूटकर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम

वायदा कारोबार में मंगलवार को सोने की कीमतें 1,107 रुपये टूटकर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गईं। इसकी वजह यह थी कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के नए सैन्य हमलों से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया, अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और व्यापारियों ने मुनाफावसूली शुरू कर दिया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने के जून माह में आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव 1,107 रुपये यानी 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,57,974 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसमें 4,725 लॉट का कारोबार हुआ।

इसी प्रकार, सोने के अगस्त माह में आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव 1,061 रुपये यानी 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,61,320 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसमें 4,810 लॉट का कारोबार हुआ।

विश्लेषकों ने कहा कि सोने की कीमतें अस्थिर बनी रहीं, क्योंकि निवेशकों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया दी।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, न्यूयॉर्क में अगस्त डिलीवरी वाले कॉमेक्स सोना वायदा मामूली रूप से बढ़कर 4,562.15 डॉलर प्रति औंस हो गया।

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