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अर्थतंत्र की खबरें: बेकाबू हुई महंगाई! सितंबर में 5.54% हुई खुदरा मुद्रास्फीति, लाल निशान में डूबा शेयर बाजार

सितंबर में जिन वस्तुओं की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई, उनमें प्याज (108.09 प्रतिशत), चांदी के आभूषण (87.8 प्रतिशत), अदरक (62.85 प्रतिशत), लहसुन (54.62 प्रतिशत) और नींबू (36.41 प्रतिशत) शामिल हैं।

फोटो:  IANS
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प्याज और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई। हालांकि, यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लिए निर्धारित संतोषजनक सीमा के भीतर है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त में 4.83 प्रतिशत थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 5.97 प्रतिशत थी। सितंबर में जिन वस्तुओं की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई, उनमें प्याज (108.09 प्रतिशत), चांदी के आभूषण (87.8 प्रतिशत), अदरक (62.85 प्रतिशत), लहसुन (54.62 प्रतिशत) और नींबू (36.41 प्रतिशत) शामिल हैं। इसके उलट आलू, टमाटर, मोटर कार एवं जीप, भिंडी और नारियल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

सितंबर में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा मुद्रास्फीति 6.08 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 4.88 प्रतिशत रही। वर्ष 2024 को आधार वर्ष मानकर तैयार किए गए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर मुद्रास्फीति 5.54 प्रतिशत रही।

जनवरी में वर्ष 2024 को आधार वर्ष मानकर नई श्रृंखला शुरू होने के बाद सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।

पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया था। करीब चार साल में यह पहली वृद्धि थी।

केंद्रीय बैंक ने संकेत दिया था कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है और बढ़ती मुद्रास्फीति, रुपये में कमजोरी तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच आगे भी दरें बढ़ाई जा सकती हैं।

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान भी मामूली बढ़ाकर पांच प्रतिशत से 5.2 प्रतिशत कर दिया।

उसने कहा कि कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव अब अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। दूसरी तिमाही में इसके 4.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में छह प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

वैश्विक अस्थिरता बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद; सेंसेक्स 72,000 के नीचे

भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 547.65 अंक या 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 71,924.68 और निफ्टी 157.10 अंक या 0.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,363.35 पर था।

बाजार में बिकवाली का सबसे अधिक दबाव एफएमसीजी और सरकारी बैंकिंग स्टॉक्स में देखा गया। सूचकांकों में निफ्टी एफएमसीजी 1.67 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 1.18 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी आईटी, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी ऑयल एंड गैस सबसे ज्यादा गिरने वाले सूचकांकों में शामिल थे।

दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसई और निफ्टी एनर्जी हरे निशान में थे।

लार्जकैप के उलट मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखी गई। निफ्टी स्मॉलैकप 100 इंडेक्स 272.10 अंक या 1.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,425.80 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 47.25 अंक की मामूली तेजी के साथ 58,834.55 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में बीईएल, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा और टाइटन गेनर्स थे। आईटीसी, टेक महिंद्रा, एचयूएल, एलएंडटी, एसबीआई, टीसीएस, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, टाटा स्टील, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, इटरनल और पावर ग्रिड लूजर्स थे।

जानकारों ने कहा कि 10-साल के बॉन्ड यील्ड के तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और बाहरी अनिश्चितताओं के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली से सेंटीमेंट कमजोर होने के कारण भारतीय बाजार सत्र की शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए। आरबीआई द्वारा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की डॉलर की जरूरतों के लिए एक स्पेशल विंडो खोलने और हेजिंग नियमों को सख्त करने के बाद रुपए में रिकवरी आई, जिससे करेंसी पर दबाव कम करने में मदद मिली।

रुपये में मजबूती से सोना 1,400 रुपये गिरकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आया

रुपये में मजबूती और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोने की कीमत 1,400 रुपये घटकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत शुक्रवार को 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।

चांदी की कीमत भी 2,000 रुपये गिरकर 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,28,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा, ''वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत मिलने के कारण सोमवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में नरमी रही। रुपये में मजबूती ने भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ाया।''

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने घरेलू मुद्रा को मजबूती देने के उद्देश्य से सप्ताहांत में कई उपाय किए थे। इसके बाद सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 पैसे मजबूत होकर 95.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। छह महीने से अधिक समय में यह एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त थी।

रुपया 96 पैसे की छलांग के साथ 95.75 प्रति डॉलर पर

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से घरेलू मुद्रा को मजबूती देने के लिए सप्ताहांत में कई कदम उठाए जाने के बाद रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 96 पैसे मजबूत होकर 95.75 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। छह महीने से अधिक समय में रुपये की यह एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि आरबीआई के उपायों से निकट अवधि में रुपये को बल मिल सकता है। इन उपायों से हाजिर बाजार में डॉलर की मांग घटने और विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये के खिलाफ बड़े दांव लगाने पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

हालांकि, रुपये में लगातार सुधार कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी पूंजी के प्रवाह और वैश्विक बाजारों की स्थिति पर निर्भर करेगा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.61 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.57 के उच्चस्तर तक गया और 95.96 के निचले स्तर तक आया।

कारोबार के अंत में रुपया 95.75 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव के मुकाबले इसमें 96 पैसे की बढ़त दर्ज की गई। इससे पहले दो अप्रैल को रुपये में एक दिन में 166 पैसे की बड़ी बढ़त दर्ज की गई थी। रुपया शुक्रवार को 17 पैसे मजबूत होकर 96.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

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