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अर्थतंत्र की खबरें: हरे निशान में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 299 अंक उछला और इस रविवार खुलेंगे बैंक, जानें क्यों?

एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि दिन भर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने कच्चे तेल की कीमतों में दिन के दौरान आई तेजी को नजरअंदाज किया और घरेलू विकास की रफ्तार मजबूत होने के संकेतों पर ध्यान दिया।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

पिछले दिन की गिरावट से उबरते हुए बुधवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। अमेरिकी-ईरान वार्ता की उम्मीदों के चलते तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर होने से प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में 0.50 प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई।

बाजार बंद होने के समय, सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 प्रतिशत बढ़कर 74,828.25 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 117.80 अंक यानी 0.5 प्रतिशत बढ़कर 23,446.80 पर पहुंच गया।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 0.70 प्रतिशत और 0.89 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं, सेक्टरवार देखें, तो निफ्टी मेटल ने 2.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी सीमेंट ने भी अपने समकक्षों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया ने सबसे खराब प्रदर्शन किया, जिनमें क्रमशः 0.87 प्रतिशत और 0.50 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी50 इंडेक्स में बजाज फाइनेंस, हिंडाल्को, टाटा स्टील, अपोलो हॉस्पिटल और जेएसडब्ल्यू स्टील ने बेहतर प्रदर्शन किया और टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इसके साथ ही ग्रासिम, नेस्ले इंडिया, आईटीसी, एलएंडटी, पावरग्रिड और अदाणी पोर्ट्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। जबकि इसके विपरीत, एचसीएल टेक, टाइटन, इंफोसिस, कोल इंडिया, टीसीएस, विप्रो, एनटीपीसी, बीईएल और ट्रेंट सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।

एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि दिन भर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने कच्चे तेल की कीमतों में दिन के दौरान आई तेजी को नजरअंदाज किया और घरेलू विकास की रफ्तार मजबूत होने के संकेतों पर ध्यान दिया।

एक्सपर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण तेल की कीमतों में 'रिस्क प्रीमियम' बना रहा, जिससे मज़बूत होते अमेरिकी डॉलर के बीच भारतीय रुपए पर दबाव पड़ा।

त्योहारी मौसम से पहले सरकारी बफर स्टॉक से प्याज कोलकाता पहुंचेगा

पश्चिम बंगाल में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयासों के तहत मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के बफर स्टॉक से प्याज लेकर कांडा एक्सप्रेस गुरुवार को कोलकाता पहुंचने वाली है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।

पश्चिम बंगाल में एनएएफईडी और एनसीसीएफ की मोबाइल वैन के माध्यम से लगभग 1,400 मीट्रिक टन प्याज 35 रुपए प्रति किलो की दर से वितरित किया जा चुका है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि कांडा एक्सप्रेस के आने से अतिरिक्त मात्रा में प्याज की आवाजाही अधिक कुशलता से हो सकेगी, जिससे बाजार में उपलब्धता में सुधार होगा और मौसमी कीमतों पर दबाव कम होगा।

बयान में आगे कहा गया कि आगमन से प्याज की अधिक मात्रा की आवाजाही में तेजी आने की उम्मीद है और कोलकाता और आसपास के जिलों में, विशेष रूप से त्योहारी मौसम से पहले, इसकी उपलब्धता और मजबूत होगी।

बयान में आगे कहा गया है कि कोलकाता जाने वाली कांडा एक्सप्रेस, रेल और सड़क परिवहन के हाइब्रिड नेटवर्क के माध्यम से पीएसएफ बफर स्टॉक से प्याज की सुनियोजित आपूर्ति की चल रही रणनीति का हिस्सा है।

एनएएफईडी और एनसीसीएफ के माध्यम से बफर स्टॉक का लक्षित निपटान 24 अगस्त से शुरू हुआ, और बाजार की आवश्यकताओं के आधार पर देश के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति धीरे-धीरे भेजी जा रही है।

मंत्रालय ने बताया कि कोलकाता में वर्तमान में 25 से अधिक स्थानों पर खुदरा बिक्री की जा रही है, जिनमें कोले मार्केट, मेचुआ मंडी, मानिकतला मार्केट, रामपुरिया मार्केट और श्याम बाजार जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं।

इसके अलावा, सरकार ‘सुफल बंगला’ के माध्यम से बफर स्टॉक प्याज की खुदरा बिक्री की संभावना तलाश रही है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त पहुंच मिलेगी और इस पहल का दायरा व्यापक होगा।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, हड़ताल के चलते इस रविवार को खुलेंगे बैंक

सरकारी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए ऐलान किया है कि इस रविवार को बैंक खुले रहेंगे।

सरकार की ओर से इस कदम को उठाने का उद्देश्य हड़ताल के बीच आम नागरिकों को बैंकिंग सुविधा समय पर उपलब्ध कराना है।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 28 से 30 सितंबर, 2026 तक तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल बुलाई है। यह हड़ताल 26 और 27 सितंबर की वीकेंड की छुट्टियों के ठीक बाद हो रही है, इसलिए सरकार ने नागरिकों की बैंकिंग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही जरूरी कदम उठाए हैं।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आम लोगों की बैंकिंग से जुड़ी जरूरी जरूरतें लंबे समय तक प्रभावित न हों, सभी पब्लिक सेक्टर बैंक और रीजनल रूरल बैंक रविवार, 27 सितंबर 2026 को सामान्य रूप से काम करेंगे।

बयान में आगे कहा गया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम-लिंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट को 27 सितंबर को पूरी तरह से चालू रखने की मंजूरी दे दी है।

मंत्रालय ने दोहराया कि बैंक, ग्राहकों की भलाई और सुविधा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सरकार और बैंक प्रबंधन ने यूनियनों से प्रस्तावित हड़ताल को टालने की अपील की है, और यह पक्का करने के लिए भी कदम उठाए हैं कि जरूरी बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहें।

रुपया 12 पैसे टूटकर 95.74 प्रति डॉलर पर

अमेरिकी मुद्रा में व्यापक मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली सुधार के बीच रुपया बुधवार को 12 पैसे टूटकर 95.74 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त रुख से डॉलर मजबूत हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के आसार बढ़ गए हैं। हालांकि, घरेलू बाजारों में सकारात्मक रुख ने रुपये को निचले स्तर पर समर्थन दिया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.58 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.57 के स्तर तक पहुंच गया।

हालांकि, बाद में रुपया 95.76 के निचले स्तर तक आ गया और कारोबार के अंत में यह 95.74 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे की गिरावट है।

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