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अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार हरे निशान में बंद और सोने में लौटी तेजी, दाम 1.52 लाख रुपए के पार

बाजार के जानकारों ने कहा कि बड़ी गिरावट के बाद घरेलू बाजारों में एक छोटी रिकवरी देखने को मिली है। इसकी वजह ईरान-इजरायल के बीच युद्ध रुकना और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आना है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

लगातार दो सत्रों तक बड़ी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 394.50 अंक या 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,918.76 और निफ्टी 119.10 अंक या 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,424.10 पर था।

बाजार में तेजी को बैंकिंग स्टॉक्स ने लीड किया। इस दौरान निफ्टी बैंक 2.09 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। इसके अलावा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी सर्विसेज सबसे तेजी से बढ़ने वाले सूचकांक थे। दूसरी तरफ, निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया लाल निशान में बंद हुआ।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 809.80 अंक या 1.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,715.45 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 300.15 अंक या 1.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,063.60 पर था।

सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, मारुति सुजुकी, एचयूएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट गेनर्स थे। टाइटन, एनटीपीसी,पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, इटरनल, इन्फोसिस, सम फार्मा, एचसीएल टेक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लूजर्स थे।

बाजार के जानकारों ने कहा कि बड़ी गिरावट के बाद घरेलू बाजारों में एक छोटी रिकवरी देखने को मिली है। इसकी वजह ईरान-इजरायल के बीच युद्ध रुकना और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आना है।

बाजार में निवेशकों का रुख मिलाजुला बना हुआ है। इसकी वजह एफआईआई की ओर से लगातार बिकवाली और बॉन्ड यील्ड का ज्यादा होना है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में निवेशकों का फोकस अमेरिका के महंगाई के डेटा, फेड पॉलिसी और ग्लोबल लिक्विडिटी पर होगा।

भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला था। शुरुआत में निफ्टी और सेंसेक्स में 0.5-0.5 प्रतिशत की तेजी थी।

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तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोने में लौटी तेजी, दाम 1.52 लाख रुपए के पार

लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोने की कीमत में फिर से तेजी देखने को मिली है और दाम 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 1,030 रुपए बढ़कर 1,52,519 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जो कि पहले 1,51,489 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।

22 कैरेट सोने का दाम 1,38,764 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,39,707 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,14,389 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,13,617 रुपए प्रति 10 ग्राम पर थी।

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। चांदी का दाम 1,638 रुपए बढ़कर 2,45,938 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,44,300 रुपए प्रति किलो हो गया है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

खबर लिखे जाने तक, सोने का 05 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,54,999 रुपए पर और चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.30 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,47,132 रुपए पर था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में तेजी देखने को मिल रही है। सोना मामूली तेजी के साथ 4,363 डॉलर प्रति औंस और चांदी भी मामूली बढ़त के साथ 68.61 डॉलर प्रति औंस पर थी।

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रुपया 25 पैसे की बढ़त के साथ 95.36 प्रति डॉलर पर

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर सूचकांक में नरमी के बीच रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 25 पैसे मजबूत होकर 95.36 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, इजराइल और ईरान के बीच तनाव में नरमी के संकेतों, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संभावित हस्तक्षेप, सकारात्मक घरेलू बाजार और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में कमी ने रुपये को समर्थन दिया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.47 पर खुला। कारोबार के दौरान 95.23 के उच्चतम स्तर और 95.67 के न्यूनतम स्तर को छूते हुए अंत में यह 95.36 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 25 पैसे की बढ़त है।

रुपया सोमवार को 43 पैसे कमजोर होकर 95.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के कारण रुपये में गिरावट की आशंका है और युद्ध में किसी भी नए तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आ सकता है तथा रुपये पर दबाव पड़ सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, अगर तनाव कम होने का सिलसिला जारी रहता है तो रुपये में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। कारोबारियों की नजर एडीपी के साप्ताहिक रोजगार, व्यापार संतुलन और अमेरिका से जारी मौजूदा गृह बिक्री आंकड़ों पर रहेगी। डॉलर के मुकाबले रुपये की हाजिर दर 95.10 से 95.80 के बीच रहने की संभावना है।’’

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