
सोने और चांदी की कीमतों में आज मजबूत तेजी देखने को मिली। मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के बीच निवेशकों का रुख सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिसका सीधा फायदा दोनों कीमती धातुओं को मिला। केंद्रीय बैंकों, खासकर चीन के केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी और मजबूत निवेश मांग ने भी सोने को सहारा दिया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,59,425 रुपये के मुकाबले 1,205 रुपये यानी 0.75 प्रतिशत बढ़कर 1,60,630 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। यही दिन का उच्चतम स्तर भी रहा। कारोबार के दौरान सोना 1,59,601 रुपये के निचले स्तर तक आया और बीच में हल्की मुनाफावसूली भी हुई, लेकिन कीमतों में मजबूती बनी रही। खबर लिखे जाने तक अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स 1,124 रुपये यानी 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,60,549 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, यह अभी भी इसके वार्षिक रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे है।
सोने की तरह चांदी में भी खरीदारी का जोर रहा। MCX पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले बंद भाव 2,43,243 रुपये के मुकाबले 1,745 रुपये यानी 0.71 प्रतिशत बढ़कर 2,44,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। कारोबार के दौरान इसमें 2,986 रुपये यानी 1.22 प्रतिशत की तेजी आई और कीमत 2,46,229 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। दिन में एक समय चांदी 2,44,251 रुपये के निचले स्तर पर भी आई। खबर लिखे जाने तक यह 2,054 रुपये यानी 0.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,45,562 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। हालांकि, चांदी भी अपने सालाना रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम से काफी नीचे है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं को मजबूती मिली। कॉमेक्स पर सोना 4,577 डॉलर प्रति औंस पर खुला और 4,604.40 डॉलर के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। खबर लिखे जाने तक यह 40.60 डॉलर यानी 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,612 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। कॉमेक्स पर चांदी 68.29 डॉलर प्रति औंस पर खुली और 0.96 डॉलर की बढ़त के साथ 69.25 डॉलर के उच्च स्तर तक गई। बाद में यह 0.77 डॉलर यानी 1.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 68.88 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई। वैश्विक बाजार में सोने के 4,612 डॉलर और चांदी के करीब 69 डॉलर प्रति औंस के आसपास बने रहने से घरेलू बाजार को भी मजबूती मिली।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका की ओर से ईरान पर व्यापक प्रतिबंध लगाने की तैयारियों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ाई है। इससे ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है और महंगाई का दबाव बढ़ने का जोखिम भी बना हुआ है। इसी अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश साधनों की ओर बढ़ रहे हैं। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और बढ़ती निवेश मांग भी सोने-चांदी की कीमतों को ऊपर बनाए हुए है। इस बीच कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 93.82 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 86.78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
पिछले एक हफ्ते में ब्रेंट क्रूड 7 प्रतिशत से ज्यादा और WTI 8 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष के समाधान को लेकर ठोस प्रगति नहीं होने और पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति पर जोखिम बने रहने से कच्चे तेल में मजबूती कायम है, जिससे वैश्विक महंगाई की चिंता भी बढ़ी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तब तक सोना और चांदी सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर मजबूत रह सकते हैं। कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहा और भू-राजनीतिक जोखिम बढ़े तो आने वाले दिनों में दोनों कीमती धातुओं में और तेजी देखने को मिल सकती है।
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