अर्थतंत्र

Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी ₹4,565 सस्ती; सोना भी ₹1,987 फिसला

MCX पर सोना-चांदी के भाव में तेज गिरावट आई है। अमेरिकी फेड के फैसले के साथ मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का असर बाजार पर दिखा है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज कारोबार शुरू होते ही सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 4 दिसंबर एक्सपायरी वाली चांदी 2,34,786 रुपये प्रति किलोग्राम के पिछले बंद भाव से गिरकर 2,30,221 रुपये पर आ गई। यानी शुरुआती कारोबार में ही चांदी 4,565 रुपये सस्ती हो गई। दूसरी ओर 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव भी पिछले बंद 1,52,470 रुपये से 1,987 रुपये टूटकर 1,50,483 रुपये पर आ गया।

फेड के फैसले के बाद बढ़ा दबाव

सोना-चांदी की कीमतों में इस बड़ी गिरावट की एक प्रमुख वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को लेकर लिया गया फैसला बताया जा रहा है। फेडरल रिजर्व ने पॉलिसी रेट में 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इसके बाद ब्याज दरें 3.75 फीसदी से 4 फीसदी के दायरे में पहुंच गई हैं। ब्याज दर बढ़ने से बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ता है और सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

फेड के फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हुआ है। बुधवार को 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर पहुंच गया। मजबूत अमेरिकी डॉलर का सीधा दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार करने वाली कीमती धातुओं पर पड़ता है। इसके अलावा इस साल एक और रेट हाइक का संकेत भी दिया गया है।

बॉन्ड यील्ड और महंगा कच्चा तेल भी वजह

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को भी सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी तक पहुंच गई है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो सोने और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो जाते हैं। ऐसे में निवेशक बॉन्ड की ओर पैसा लगाने लगते हैं और इससे कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनता है।

वहीं, वेस्ट एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत बढ़ने से दुनियाभर में महंगाई का जोखिम बढ़ता है और इसका असर सोने-चांदी के भाव पर भी पड़ता है।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच मुनाफावसूली का असर

मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है और ग्लोबल स्तर पर जारी अनिश्चितता भी कीमती धातुओं के कारोबार को प्रभावित कर रही है। जियोपॉलिटिकल तनाव के दौरान कई बार कीमती धातुओं में बिकवाली देखने को मिलती है। अगर युद्ध या दूसरे वैश्विक तनाव की खबरों से पहले ही सोने-चांदी के दाम काफी ऊपर जा चुके हों, तो निवेशक मुनाफावसूली शुरू कर सकते हैं।

मुनाफावसूली बढ़ने पर कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव आता है। मौजूदा गिरावट के पीछे अमेरिकी फेड का ब्याज दर फैसला, मजबूत डॉलर, बढ़ती बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और मिडिल ईस्ट का तनाव प्रमुख कारणों के तौर पर सामने आ रहे हैं।

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