अर्थतंत्र

शेयर बाजार क्रैश, भरभराकर टूटे ये दिग्‍गज शेयर, 5 लाख करोड़ स्‍वाहा!

शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम मेटल और रियल्टी शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स थे।

शेयर बाजार क्रैश, भरभराकर टूटे ये दिग्‍गज शेयर, 5 लाख करोड़ स्‍वाहा!
शेयर बाजार क्रैश, भरभराकर टूटे ये दिग्‍गज शेयर, 5 लाख करोड़ स्‍वाहा! फोटोः सोशल मीडिया

भारतीय शेयर बाजार में कुछ दिनों से गिरावट देखी जा रही है। हालांकि, गुरुवार को गिरावट में थोड़ी ब्रेक लगी थी, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिली। सुबह 9:16 पर सेंसेक्स 707 अंक या 0.95 की गिरावट के साथ 74,192 और निफ्टी 238 अंक या 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,238 पर था। 

 इन शेयरों में भारी दबाव

शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम मेटल और रियल्टी शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स थे। निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर लाल निशान में थे।

केवल निफ्टी आईटी ही हरे निशान में था।

इन शेयरों में भी गिरावट 

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखा जा रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 868 अंक या 1.40 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61,488 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 284 अंक या 1.33 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,756 पर था।

शेयर बाजार में भारी दबाव के कारण निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बीएसई मार्केट कैप 483 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 478 लाख करोड़ रुपये पर आ चुका है। इसके अलावा, बीएसई के 120 शेयरों में आज लोअर सर्किट लगा है।

बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, इटरनल, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी लूजर्स थे।

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, आईटीसी, भारती एयरटेल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स गेनर्स थे।

मार्केट में इतनी भारी गिरावट की वजह? 

जानकारों ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण मार्केट के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। अगर यह ऊंची कीमत बनी रहती है या फिर और बढ़ जाती है, तो भारत की जीडीपी ग्रोथ और उसके नतीजतन कॉर्पोरेट की कमाई पर इसका असर काफी ज्यादा होगा। एक और बड़ी मुश्किल अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। 10-साल की यील्ड, जो अभी 4.96 प्रतिशत पर है, 5 प्रतिशत के स्तर के करीब पहुंच रही है। कई लोग इसे ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए एक अहम मोड़ मानते हैं। ग्लोबल इक्विटी मार्केट में गिरावट की संभावना है, लेकिन इसका सही समय बताना मुश्किल है।

वैश्विक बाजारों का हाल

ज्यादातर वैश्विक बाजारों में लाल निशान में कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसमें डाओ जोन्स 0.60 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और नैस्डैक 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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