मनोरंजन

सिनेजीवन: 'बॉर्डर 2' ने 100 करोड़ पार कर रचा इतिहास और सिद्धार्थ ने 2025 को बताया ‘सीख का साल’

बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो 'बॉर्डर 2' ने बेहद शानदार शुरुआत की। सिद्धार्थ ने इसे अपने लिए एक शिक्षा का साल बताया और इंस्टाग्राम पर अपने अनुभव बांटा।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

'बॉर्डर 2' ने 100 करोड़ पार कर रचा इतिहास, ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन में 'दंगल', 'धुरंधर' और 'सिकंदर' को भी पीछे छोड़ा

सनी देओल की फिल्म 'बॉर्डर 2' ने रिलीज के पहले दिन से ही रफ्तार पकड़ी हुई है।  सिर्फ तीन दिनों में फिल्म का कुल घरेलू कलेक्शन 121 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका है।

देशभक्ति, जज्बे और बड़े सितारों की दमदार मौजूदगी ने इस फिल्म को उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां हर तरफ सिर्फ इसी की चर्चा है। इस फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही हैं। 

बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो 'बॉर्डर 2' ने बेहद शानदार शुरुआत की। पहले दिन फिल्म ने करीब 30 करोड़ रुपए की कमाई की। दूसरे दिन इसमें और तेजी आई और कलेक्शन बढ़कर 36.5 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। असली धमाका तीसरे दिन देखने को मिला, जब इस वॉर ड्रामा ने करीब 54.5 करोड़ रुपए की कमाई कर डाली।

 इन आंकड़ों के साथ 'बॉर्डर 2' ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। यह महज तीन दिनों में सनी देओल के करियर की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। इसने 'जाट' और 'गदर: एक प्रेम कथा' जैसी फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है।

Published: undefined

'बॉर्डर 2' में जैकी श्रॉफ और तब्बू को क्यों नहीं मिली जगह, डायरेक्टर अनुराग सिंह ने तोड़ी चुप्पी

 फिल्मों के सीक्वल को लेकर दर्शकों की उम्मीदें हमेशा बहुत ज्यादा होती हैं। खासकर जब बात 1997 की सुपरहिट फिल्म 'बॉर्डर' की हो, तो सनी देओल, जैकी श्रॉफ और तब्बू जैसे कलाकारों ने उस फिल्म को खास बनाया था, लेकिन 'बॉर्डर 2' में जैकी श्रॉफ और तब्बू की कमी दर्शकों ने महसूस की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए दोनों को फिल्म में शामिल न करने को लेकर कई सवाल किए। अब इन सभी सवालों का जवाब फिल्म निर्देशक अनुराग सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए दिया।

'बॉर्डर 2' के निर्देशक अनुराग सिंह ने कहा, ''किसी भी फिल्म की कास्टिंग भावनाओं या पुराने जुड़ाव के आधार पर नहीं, बल्कि कहानी की जरूरत के अनुसार होती है। फिल्म बनाते वक्त सबसे पहले कहानी पर ध्यान दिया जाता है, न कि इस बात पर कि किस अभिनेता को दोबारा लिया जाए। कहानी जिस तरह के किरदार मांगती है, कलाकारों का चयन उसी हिसाब से किया जाता है।''

अनुराग सिंह ने कहा, ''कोई भी निर्देशक यह सोचकर स्क्रिप्ट नहीं लिखता कि उसे किसी खास अभिनेता को ही लेना है। पहले एक ऐसी कहानी लिखी जाती है जो सच्ची लगे और दिल को छुए। उसके बाद यह सोचा जाता है कि उस किरदार को कौन सा कलाकार अच्छे से निभा पाएगा। कई बार ऐसा भी होता है कि किरदार लिखते समय किसी अभिनेता का चेहरा अपने आप दिमाग में आ जाता है, लेकिन यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया होती है, दबाव में लिया गया फैसला नहीं है।''

Published: undefined

सिद्धार्थ ने 2025 को बताया ‘सीख का साल’, कहा—इन छह फिल्मों ने सिनेमा को समझने की सोच बदल दी

भारत और दुनिया में सिनेमा हमेशा से ही सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह जीवन की गहराई और अलग-अलग संस्कृति समझने का जरिया भी रहा है। फिल्म 'रंग दे बसंती' फेम एक्टर सिद्धार्थ सूर्यनारायण के लिए साल 2025 का अनुभव ऐसा ही रहा। 

 पिछले साल उन्होंने छह बेहद खास और महत्वपूर्ण फिल्में देखीं, जिनमें अलग-अलग विषय और अलग-अलग शैलियां शामिल थीं। सिद्धार्थ ने इसे अपने लिए एक शिक्षा का साल बताया और इंस्टाग्राम पर अपने अनुभव बांटा।

 सिद्धार्थ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज में लिखा, "'इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट,' 'सिनर्स,' 'सेंटिमेंटल वैल्यू,' 'वन बैटल आफ्टर अनदर', 'हैमनेट' और 'द सीक्रेट एजेंट' जैसी फिल्में मैंने एक ही साल में देखीं।" ये फिल्में मेरे लिए न केवल मनोरंजन का माध्यम थीं, बल्कि सिनेमा की गहराई को समझने का एक अनोखा अनुभव भी थीं।"

 सिद्धार्थ ने कहा, ''ये फिल्में मेरे लिए एक सीख बन गईं। जीवन और करियर के लिए ये फिल्में एक तरह से शिक्षा के समान थीं, क्योंकि हर फिल्म ने मुझे अलग तरह की कहानी, अभिनय और निर्देशन देखने का मौका दिया।''

 जफर पनाही की फिल्म 'इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट' ईरान की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में कुछ पुराने राजनीतिक कैदी अपने साथ हुए अत्याचार का बदला लेने की ठानते हैं। ईरानी सरकार के आलोचक रहे पनाही ने यह फिल्म ईरानी सरकार की अनुमति के बिना बनाई थी। फिल्म इंसानियत और न्याय के सवालों को सामने लाती है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।

Published: undefined

20 साल बाद भी जारी 'रंग दे बसंती' का जादू, शरमन जोशी बोले- लकी हूं, इसका हिस्सा बना

राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'रंग दे बसंती' को रिलीज हुए 20 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर अभिनेता शरमन जोशी पुरानी यादों में खोकर इमोशनल नजर आए। उन्होंने फिल्म को लेकर गर्व जाहिर करते हुए बताया कि इस फिल्म का हिस्सा बनने पर खुद को लकी महसूस करते हैं।

 शरमन का मानना है कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा निर्देशित यह मल्टीस्टारर फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि इसने युवाओं की सोच और देशभक्ति के नजरिए को बदलने का काम किया। शरमन जोशी ने कहा, “रंग दे बसंती एक यादगार और कल्ट फिल्म है। हिंदी सिनेमा इसे हमेशा याद रखेगा। मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं इस खास फिल्म का हिस्सा बना। यह फिल्म आज भी हर उम्र के लोगों को पसंद आती है। मेरे करियर में रंग दे बसंती और 3 इडियट्स सबसे खास फिल्में है। मैं ईश्वर, निर्देशकों और निर्माताओं का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मुझे ऐसी अच्छी फिल्मों में काम करने का मौका दिया।”

 शरमन का कहना है कि यह फिल्म उनके जीवन का एक अनमोल हिस्सा बनी रहेगी। अभिनेता ने फिल्म की शूटिंग के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। उन्होंने बताया, “शूटिंग कभी काम जैसी नहीं लगी। हर सीन, सेट का हर पल मेरे लिए खास था। ये यादें मैं हमेशा अपने दिल में रखूंगा।”

Published: undefined

'द 50' में युविका चौधरी का आत्मविश्वास भरा आगाज, बोलीं-मैं प्रिंस की परछाई नहीं, अपनी पहचान के साथ उतरूंगी

रियलिटी टीवी की दुनिया में एक बड़ा शो 'द 50' की चर्चा जोरों पर है। इस शो में दर्शकों को एक तरफ जहां प्रिंस नरूला जैसे दिग्गज रियलिटी स्टार देखने को मिलेंगे, वहीं दूसरी तरफ उनकी पत्नी और अभिनेत्री युविका चौधरी भी पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने जा रही हैं। इस बार युविका सिर्फ 'प्रिंस की पत्नी' बनकर नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान और सोच के साथ दर्शकों के सामने आने को तैयार हैं। 

आईएएनएस से बात करते हुए युविका चौधरी ने 'द 50' को अपने लिए खुद को साबित करने का एक बड़ा मौका बताया। उन्होंने कहा, ''मैं बेशक अपने पति प्रिंस नरूला के साथ रियलिटी शो में जा रही हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं किसी की परछाई हूं। कुछ मौकों पर प्रिंस का अनुभव मुझे सहारा देगा, लेकिन कई जगह मैं अपना खेल खुद खेलूंगी। यह शो हम दोनों के लिए एक साझा मंच जरूर है, लेकिन सोच और फैसलों में पूरी आजादी भी है।''

युविका ने कहा, ''शो के दौरान कई बार ऐसा होगा जब मेरे और प्रिंस के विचार बिल्कुल अलग होंगे। मतभेद होना किसी रिश्ते की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सच्चाई है। यही फर्क दर्शकों को स्क्रीन पर भी दिखाई देगा। मेरी अलग राय और फैसले मुझे शो में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में पेश करेंगे।''

अपने रिश्ते की बात करें तो युविका ने कहा कि प्रिंस और मैं एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन हम अपनी-अपनी जगह बहुत क्लीयर हैं। प्रिंस अपने फैसले खुद लेते हैं और मैं अपने। दोनों एक-दूसरे के निजी फैसलों में दखल नहीं देते। कई बार मैं प्रिंस की नहीं सुनती और प्रिंस मेरी नहीं सुनते, लेकिन यही आपसी समझ की सबसे बड़ी ताकत है।''

आईएएनएस के इनपुट के साथ

Published: undefined

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined