
देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टरों-नर्सों के साथ अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच रोबोटिक्स ब्रांड मिलाग्रो की ओर से कहा गया है कि वह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद के लिए कोविड-19 वार्ड में एडवांस एआई-पावर्ड रोबोट मिलग्रो आईमैप 9 और ह्यूमनॉइड ईएलएफ रोबोट तैनात करेगा।
बता दें कि एम्स प्रशासन ने कोरोना के मरीजों के मद्देनजर ट्रॉमा सेंटर को कोविड-19 अस्पताल में तब्दील कर दिया है, जहां पर सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है। वहीं, इस पर अपने बयान में एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बताया कि Milagrow Floor Robot iMap 9.0 and Milagrow Humanoid का संस्थान में ट्रायल लिया जाएगा। माना जा रहा है कि अगर ट्रायल सफल हुआ तो इसे यहां पर संचालन के लिए नियमित इस्तेमाल में भी लाया जा सकता है।
कंपनी का कहना है कि उनकी ओर से एम्स में रोबोट तैनात करने का फैसला लिया गया है। इससे न केवल स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने से बचेंगे, बल्कि काम भी तेजी से होगा। कंपनी ने जारी एक बयान में कहा है कि एक साझेदारी के तहत एम्स के कोविड-19 वार्ड में एडवांस एआई-पावर्ड रोबोट मिलग्रो आईमैप 9 और ह्यूमनॉइड ईएलएफ रोबोट तैनात किए जाएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में अकेले 50 से अधिक डॉक्टर कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जिनका फिलहाल इलाज चल रहा है। इसके अलावा, 100 से अधिक नर्सिंग स्टाफ भी कोरोना पॉजिटिव हो चुका है।
इसके अलावा शुक्रवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में तैनात एक पुरुष नर्सिंग स्टाफ के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद 40 स्वास्थ्य कर्मियों को सेल्फ क्वारंटाइन किया गया है। क्वारंटाइन किए गए 40 स्वास्थ्यकर्मियों में डॉक्टर के साथ नर्स व अन्य स्टाफ भी शामिल हैं।
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