
उत्तराखण्ड का बहुचर्चित अंकिता हत्याकाण्ड मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एसआईटी से केस डायरी के साथ स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी। पौड़ी गढ़वाल के आशुतोष नेगी ने याचिका दायर कर कहा कि अंकिता हत्याकांड के बाद यमकेश्वर की विधायक रेनू बिष्ट के निर्देश पर वनंतरा रिसोर्ट में बुलडोजर चलवाकर केस से संबंधित अहम सबूत नष्ट कर दिए गए। अंकिता के कमरे से चादर तक गायब कर दी गई। याचिका में पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए एसआईटी को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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गौरतलब है कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर में वनतारा रिजॉर्ट में 19 साल की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। वह 18-19 सितंबर से अचानक गायब हो गई, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई। इस मामले में बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे और होटल के मालिक पुलकित आर्य का नाम सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया था। इस मामले के बाद बीजेपी ने विनोद आर्य को पहले ही निलंबित कर दिया है। साथ ही पुलिस ने पुलकित आर्य समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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