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सरकार के रिकॉर्ड में नहीं हैं राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्रियों, NSA के नाम और नागरिकता के सबूत, RTI से खुलासा

RTI के जरिए मांगी गई जानकारी में ये खुलासा हुआ है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सभी केन्द्रीय मंत्रियों, NSA, सीडीएस, तीनों सेना प्रमुखों के नाम और नागरिकता सबूत सरकार के रिकॉर्ड में नहीं है! जबकि प्रधानमंत्री मोदी के भारत में जन्म को ही सरकार ने उनका नागरिकता सबूत बताया है।

फोटो: सोशल मीडिया/आरटीआई द्वारा प्राप्त जानकारी
फोटो: सोशल मीडिया/आरटीआई द्वारा प्राप्त जानकारी 

पूरे देश में एनआरसी लागू करने के लिए कमर कसे बैठी सरकार से एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है! राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सभी केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, सीडीएस व तीनों सेना प्रमुखों के नाम और नागरिकता सबूत सरकार ने रिकॉर्ड में उपलब्ध ना होने की हैरान करने वाली जानकारी दी है! जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत में जन्म को ही सरकार ने उनका नागरिकता सबूत बताया है।

आरटीआई द्वारा प्राप्त जानकारी

20 जनवरी 2020 को प्रधानमंत्री कार्यालय में लगाई गई आरटीआई के जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी है। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति, केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार,चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेना प्रमुखों के नाम पूछे गए थे व नागरिकता प्रमाण पत्र मांगे थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के केन्द्रीय जनसूचना अधिकारी प्रवीन कुमार ने अपने 3 मार्च 2020 के पत्र में बताया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नागरिकता अधिनियम, 1855 के अनुभाग-3 के तहत जन्म से ही भारतीय हैं। जबकि राष्ट्रपति, सभी केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ व तीनों सेनाओं के प्रमुखों के नाम व नागरिकता सबूत उनके रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं।

आरटीआई द्वारा प्राप्त जानकारी

आरटीआई के जरिए यह जानकारी मांगने वाले पानीपत के सूचनाधिकार कार्यकर्ता पीपी कपूर का कहना है कि जिस आधार पर पीएम मोदी को भारतीय नागरिक बताया जा रहा है, उससे तो भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारतीय नागरिक हुआ। हैरानी की बात है कि जब कानून बनाने वाले केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रपति, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तक के नागरिकता सबूत सरकार के पास नहीं हैं, तो देश की 135 करोड़ जनता को एनआरसी, सीएए, एनपीआर के नाम पर क्यों आतंकित किया जा रहा है। शिक्षा, रोजगार, आर्थिक मंदी, किसानों-मजदूरों की बढ़ती आत्महत्याएं, कालाधन, मजदूरों की बदहाली जैसे सवालों से ध्यान हटाकर देश को नागरिकता जैसे बेमतलब के मुद्दे पर उलझाया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय में केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ व तीनों सेना प्रमुखों के नामों की जानकारी तक ना होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

आरटीआई द्वारा प्राप्त जानकारी

ये मांगी थी सूचना

1. भारत के माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व उनके सभी मंत्री मंडलीय सहयोगियों/मंत्रियों के भारतीय नागरिक होने संबंधी सबूतों की सत्यापित छाया प्रति व नामों की सूचना।

2. भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व तीनों रक्षा सेवाओं के प्रमुख के नामों की सूचना व इनके नागरिकता प्रमाणपत्रों की सत्यापति छाया प्रति।

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