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बिहार: मुजफ्फरपुर में वाम दलों के बैनर तले फिलिस्तीन-ईरान एकजुटता मार्च का आयोजन, भारत सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

वाम नेताओं ने कहा कि फिलिस्तीन और ईरान पर हो रहे हमले एकतरफा हैं और वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े देश की विदेश नीति के लिए यह मौन खतरनाक है।

वाम दलों के बैनर तले फिलिस्तीन-ईरान एकजुटता मार्च का आयोजन
वाम दलों के बैनर तले फिलिस्तीन-ईरान एकजुटता मार्च का आयोजन फोटो: IANS

बिहार के मुजफ्फरपुर में संयुक्त वाम दलों ने सीपीआई माले के जिला कार्यालय से फिलिस्तीन और ईरान के समर्थन में एकजुटता मार्च निकाला। यह मार्च हरिसभा चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा। 

मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने “फिलिस्तीन-ईरान में जनसंहार बंद करो”, “अमेरिका और इजरायल युद्ध से बाहर आओ”, “फिलिस्तीन को आजाद करो”, “ईरान को न्याय दो” और “भारत सरकार इजरायल के साथ सैन्य और सुरक्षा सहयोग तुरंत समाप्त करो” जैसे नारे लगाए।

मार्च का नेतृत्व सीपीआई माले के नगर सचिव सूरज कुमार सिंह ने किया, जिसमें विभिन्न वाम दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।

सूरज कुमार सिंह ने मार्च के दौरान कहा, “आज हम एक ऐसे दौर में खड़े हैं, जब दुनिया को शांति और समझदारी की सबसे ज्यादा जरूरत है। लेकिन इजरायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयां, खासकर फिलिस्तीन और ईरान जैसे देशों पर, मानवता के जख्मों को और गहरा कर रही हैं। बम और गोलियों से न तो न्याय मिलता है, न शांति आती है। इससे सिर्फ लाशें गिरती हैं, बच्चे अनाथ होते हैं और शहर मलबे में तब्दील हो जाते हैं।”

उन्होंने इजराइल और अमेरिका की कार्रवाइयों को विश्व शांति के लिए खतरा बताया और भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

वाम नेताओं ने कहा कि फिलिस्तीन और ईरान पर हो रहे हमले एकतरफा हैं और वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े देश की विदेश नीति के लिए यह मौन खतरनाक है।

सीपीएम के जिला सचिव दिनेश भगत ने कहा, “भारत जैसे देश को वैश्विक मंच पर शांति की वकालत करनी चाहिए। मोदी सरकार को अपनी चुप्पी तोड़कर इजरायल के साथ सैन्य और सुरक्षा सहयोग तुरंत खत्म करना चाहिए।”

मार्च में सीपीएम की महिला नेता नमिता सिंह, कामनी कुमारी, सीपीआई जिला सचिव मंडल सदस्य जगदीश प्रसाद गुप्ता, सुनील ठाकुर, माले जिला कमेटी सदस्य फहद जमा, दीपक कुमार, तंजिमे इन्साफ के जिला संयोजक शब्बर हसन, नगर कमेटी सदस्य राजकिशोर प्रसाद, शाहनवाज हुसैन, सफीकुर रहमान, मोहम्मद सैफी, मोहम्मद आरिफ, शंकर राम, मोहम्मद मुन्ना कुरैशी, अजय कुमार सिंह, शंभू शरण ठाकुर, मोहम्मद शफी अंसारी और मुनीम महतो शामिल थे।

 यह मार्च वैश्विक स्तर पर फिलिस्तीन और ईरान के प्रति एकजुटता दिखाने और भारत सरकार से तटस्थ रुख अपनाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि भारत को शांति और न्याय के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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