
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि वित्तीय संकट से जूझ रही सरकार ने हाल के दिनों में दूसरी बार निधि निकासी एवं व्यय नियंत्रण से संबंधित पत्र जारी किया है।
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राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष यादव ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव से पहले अंतिम 30 दिनों में 41,000 करोड़ रुपये का वितरण किया, जिसके कारण अब सामाजिक पेंशन, छात्र क्रेडिट कार्ड योजना, छात्रवृत्ति तथा कर्मचारियों के वेतन एवं पेंशन भुगतान के लिए धनराशि की कमी हो गई है।
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उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार अब कर्ज के सहारे चल रही है और प्रतिदिन 100 करोड़ रुपये से अधिक रकम ब्याज भुगतान पर खर्च कर रही है। यादव ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने बिहार पर लगभग चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बोझ डाल दिया है।
यादव ने कहा कि राज्य में विकास योजनाएं ठप पड़ी हैं और सरकार के पास न तो कोई दृष्टि है और न ही कोई स्पष्ट कार्ययोजना।
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उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार 92,132 करोड़ रुपये के व्यय का स्पष्ट विवरण नहीं दे सकी है, साथ ही 90 हजार करोड़ रुपये के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जमा नहीं किया गया है।
आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार के कारण वित्तीय स्थिति बिगड़ी है और सरकारी खजाना खाली हो चुका है।
इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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