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LAC पर चीन से तनातनी, फिर भी भारतीय सैनिकों को लिए गर्म कपड़े, उपकरण खरीद में देरी, PAC ने मांगी लद्दाख जाने की अनुमति

संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने इस माह के अंत में सदन के एक पैनल के लद्दाख जाने की इजाजत मांगी है। पीएससी के अध्यक्ष ने इसके लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो: सोशल मीडिया

संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने इस माह के अंत में सदन के एक पैनल के लद्दाख जाने की इजाजत मांगी है। पीएससी के अध्यक्ष ने इसके लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है। यह पैनल लद्दाख जाकर सीमा पर तैनात सैनिकों से मिल, उनके काम की परिस्थिति और उनकी जरूरत को समझना चाहता है।

Published: 08 Oct 2020, 1:03 PM IST

दरअसल इस साल की शुरुआत में कैग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि सियाचिन और लद्दाख में तैनात सैनिकों को जरूरत की चीजें भारी कमी है। उन्हें ठंड के कपड़े और दूसरे सामान नहीं मिल रहे। इसमें कहा गया था कि ऐसा खरीद में देरी की वजह से हो रहा है। गौरतलब है कि इन सब मुद्दों पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत पहले ही दो बार पीएसी के सामने पेश हो चुके हैं।

Published: 08 Oct 2020, 1:03 PM IST

अंग्रेजी अखबरा द हिंदू की रिपोर्ट के मुतबाकि, कैग रिपोर्ट में कहा गया था कि वित्त वर्ष 2015-16 और 2017-18 की अवधि के दौरान हुए ऑडिट में पता चला कि ऊंचाई वाले और ठंडे स्थानों पर सैनिकों की तैनाती के लिए जरूरी कपड़ों और उपकरणों की खरीद में चार साल तक की देरी हुई। जिसके चलते इनकी भारी कमी हुई। बर्फ में लगाए जाने वाले चश्मों की भी बेहद कमी रही।

Published: 08 Oct 2020, 1:03 PM IST

गौरतलब है कि बीते कई महीनों से लद्दाख समेत कई जगह भारत और चीन के बीच भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। सीमा के दोनों साइड सैनिकों का जमावड़ा है। चीन लगातार युद्ध की तैयारियों में लगा हुआ है। वहीं भारत ने भी चीन के हर चाल को नाकाम करने के लिए सीमा के पास सैनिकों की भारी तैनाती की है।

Published: 08 Oct 2020, 1:03 PM IST

हाल में दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई है लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला है। ऐसे में सीमा पर सैनिकों का जमावड़ा ठंड के मौसम भी रहने की उम्मीद है। क्योंकि लद्दाख की गलवान घाटी में ठंड के दिनों में तापमान माइनस से भी 30-40 डिग्री नीचे चला जाता है तो ऐसे में हाई एल्टीट्यूड पर इस्तेमाल होने वाले गर्म कपड़े और अन्य उपकरणों की आवश्यकता होगी। जिसे पर्याप्त मात्रा में जुटाना एक चुनौती होगी।

Published: 08 Oct 2020, 1:03 PM IST

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Published: 08 Oct 2020, 1:03 PM IST