
पंजाब में किसान संगठनों और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज किसान संगठनों ने अमृतसर में मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंकते हुए पंजाब सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने किया। उन्होंने जेल में बंद किसानों की रिहाई की मांग की और सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
इस दौरान आईएएनएस से बात करते हुए पंढेर ने कहा, "भगवंत मान सरकार किसानों के साथ सही व्यवहार नहीं कर रही है। सरकार किसानों को पीट रही है और उनकी आवाज दबा रही है। सोमवार को कसाना में किसानों की गिरफ्तारी हुई और सैकड़ों किसान अब भी जेल में हैं। चंडीगढ़ जाने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। किसान और मजदूरों के मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है।"
उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी किसानों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके मुद्दों का समाधान शीघ्र किया जाए।
पंढेर ने आगे कहा, "देश की राजधानी में मोदी सरकार प्रदर्शन नहीं करने देती है, और अब भगवंत मान सरकार प्रदेश की राजधानी में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दे रही है। शंभू, खनौली बॉर्डर समेत कई बॉर्डर बंद हैं, जिससे व्यापारियों को परेशानी हो रही है, लेकिन राज्य सरकार इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है।"
पंढेर ने आरोप लगाया कि मोदी और अमित शाह की सरकार किसानों को खत्म करना चाहती है।
इस प्रदर्शन में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवन सिंह पंढेर की अगुवाई में पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह इतिहास में पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री ने किसान जत्थेबंदियों के साथ बैठक के लिए जगह देने से इनकार किया और मीटिंग बीच में छोड़कर निकल गए। पंढेर ने कहा, "अब तक किसी भी मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया है।"
इस दौरान किसान नेताओं की गिरफ्तारी और चंडीगढ़ में होने वाले धरने को विफल करने के प्रयासों के खिलाफ किसानों ने जोरदार विरोध जताया।
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