
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के मामलों में और वृद्धि होने की जानकारी दी है। विभाग ने बीमारी से एक और मौत होने की भी पुष्टि की है। अब तक राज्य में इस बीमारी से कुल छह मौतें हो चुकी हैं। इन मौतों में से एक में जीबीएस की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच मौतों को संदिग्ध माना जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार को जीबीएस के तीन नए संदिग्ध मामले दर्ज किए गए। प्रदेश में अब तक कुल 173 संदिग्ध मरीजों का पता चला है, जिनमें से 140 में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि प्रभावित मरीजों में पुणे महानगरपालिका क्षेत्र से 34, नए जोड़े गए गांवों से 87, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका से 22, पुणे ग्रामीण क्षेत्र से 22 और अन्य जिलों से आठ मरीज हैं। इन मरीजों में से 72 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि 55 मरीजों की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में भर्ती हैं। वहीं, 21 मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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उल्लेखनीय कि इससे पहले 27 जनवरी को पुणे में जीबीएस के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप और प्रबंधन का समर्थन करने के लिए सात सदस्यीय टीम तैनात की। केंद्र की उच्च स्तरीय टीम में बहु-विषयक विशेषज्ञ शामिल थे। इसका उद्देश्य जीबीएस के संदिग्ध और पुष्ट मामलों में वृद्धि को देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप और प्रबंधन स्थापित करने में राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों का समर्थन करना है।
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राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी कि सामान्य सावधानियां बरतकर जीबीएस को कुछ हद तक रोका जा सकता है, जैसे कि उबला हुआ/बोतलबंद पानी पीना, खाने से पहले फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से धोना, चिकन और मांस को ठीक से पकाना, कच्चे या अधपके भोजन, विशेष रूप से सलाद, अंडे, कबाब या समुद्री भोजन से परहेज करना।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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