
देशभर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत से लेकर पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में आंधी-तूफान, तेज बारिश और ओलावृष्टि का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। खासकर उत्तर भारत में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह मौसम प्रणाली अभी कमजोर नहीं पड़ी है और 7 व 8 अप्रैल को इसका प्रभाव और ज्यादा तीव्र हो सकता है।
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IMD के अनुसार 5 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है और कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
दिल्ली में शनिवार को आंधी-बारिश ने जबरदस्त असर दिखाया। मौसम विभाग के मुताबिक, 4 से 7 अप्रैल के बीच मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आज शाम हल्की बारिश, बूंदाबांदी और करीब 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में भी शनिवार को तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने यहां भी 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर मौसम के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिसमें 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
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मौसम विभाग के अनुसार 7 और 8 अप्रैल को बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आंधी-तूफान के साथ बारिश का दौर तेज हो सकता है। 8 अप्रैल तक इन इलाकों में मौसम का प्रभाव बना रहेगा।
बिहार में 5, 6 और 9 अप्रैल को गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का अनुमान है, जबकि 7 और 8 अप्रैल को तेज आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।
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मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को अचानक मौसम बदला और भारी बारिश व ओलावृष्टि ने हालात बिगाड़ दिए। ग्वालियर समेत कई क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिला। भोपाल स्थित मौसम विभाग केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के अनुसार यह पूरा बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अप्रैल तक 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा बना रहेगा।
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दक्षिण भारत भी इस मौसम बदलाव से अछूता नहीं है। केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक में 4 से 8 अप्रैल के बीच बारिश होने की संभावना है।
IMD का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले सात दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
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