
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने संसद में मणिपुर हिंसा पर विस्तृत चर्चा की अनुमति नहीं देने के लिए सोमवार को एक बार फिर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 'इंडिया' से जुड़ी पार्टियां मणिपुर के लोगों की भावनाओं को प्रतिबिंबित कर रही हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा, "सिर्फ हेडलाइन को मैनेज करने के लिए गृह मंत्री ने आज कहा कि मोदी सरकार संसद में मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार है। वह किसी पर कोई विशेष उपकार नहीं कर रहे हैं। यह INDIA की सभी पार्टियों की पूरी तरह से लोकतांत्रिक और वाजिब मांग है कि पहले मणिपुर की स्थिति पर प्रधानमंत्री सदन में बयान दें। उसके तुरंत बाद ही चर्चा होगी। इस पर गृह मंत्री पूरी तरह से चुप हैं। संसद के अंदर प्रधानमंत्री को पहले बयान देने में क्या झिझक है?
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जयराम रमेश की टिप्पणी सदन के अंदर मणिपुर हिंसा पर विस्तृत चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच दोनों सदनों को दिन भर के लिए स्थगित किए जाने के बाद आई। इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के सांसदों ने भी सदन में प्रधानमंत्री के बयान की मांग की। विपक्षी दलों के गठबंधन के सांसदों ने संसद में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध-प्रदर्शन भी किया।
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बता दें कि मणिपुर में 3 मई को जातीय झड़पें भड़की थी। उस समय से लेकर अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोगों को राहत शिविरों में रहना पड़ रहा है। इसी बीच 19 जुलाई को मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न घुमाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दल सदन में प्रधानमंत्री के बयान की मांग पर अड़े हैं।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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