
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने पटवारी ने बढ़ती महंगाई को लेकर कहा कि बीजेपी सरकार के तथाकथित ‘नए भारत’ में आम आदमी की रसोई लगातार महंगी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है।
सोयाबीन तेल के दाम में लगभग 12 प्रतिशत, मूंगफली तेल में 10 प्रतिशत और सरसों तेल में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि चीनी के दाम भी बढ़े हैं और दूध की कीमतों में दो रुपए से तीन रुपए तक की वृद्धि हुई है। दूसरी ओर किसानों को उनके दूध और कृषि उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। सरकार द्वारा किसानों को बोनस देने के वादे भी पूरे नहीं किए गए।
पटवारी ने कहा दालों के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। तुअर - अरहर दाल लगभग 140 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल किया कि जब किसान को उपज का उचित मूल्य पर नहीं मिल रहा , तो मिल और बाजार में वही उत्पाद महंगा क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा कि सरकार की कृषि नीति में स्पष्ट विरोधाभास है। किसान को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जबकि उपभोक्ता को वही वस्तु महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है। यह स्थिति सरकार की कृषि और बाजार प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्रदेश में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा किए गए दावों पर भी पटवारी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक नगरों में शराबबंदी की बात करती है, लेकिन जमीन पर शराब की उपलब्धता और अवैध शराब के कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने गुजरात में जहरीली शराब से हुई मौतों का संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश से अवैध और जहरीली शराब की आपूर्ति की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि शराब की बिक्री और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण है, तो ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं?
पटवारी ने प्रदेश में शराब की कथित होम डिलीवरी को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि शराब के अवैध कारोबार और सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। पटवारी ने मध्य प्रदेश की स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिक्षा व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा राजनीति से ऊपर का विषय है। सरकार को विपक्ष और समाज के सभी वर्गों के साथ संवाद करते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने रखनी चाहिए और सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना बनानी चाहिए।
आईएएनएस के इनपुट के साथ