
कांग्रेस अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर मोदी सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस व्यापार समझौते में पारदर्शिता की कमी बताई है। उनका कहना है कि इस समझौते को लेकर कई सवाल है जिसका जवाब मोदी सरकार ने अभी तक नहीं दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हो गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि उन्हें खुशी है कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर अब 18 प्रतिशत का कम शुल्क लगेगा।
कांग्रेस सरकार से इस समझौते को लेकर स्पष्टीकरण की मांग कर रही है।
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कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने बुधवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत और अमेरिका कई सालों से एक बड़ी ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का आनंद ले रहे हैं, जो शेयर्ड वैल्यूज़ पर आधारित है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय साइन की गई इंडो-यूएस न्यूक्लियर डील आपसी तरक्की के लिए हमारे कमिटमेंट का एक बड़ा उदाहरण है।“
उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस-यूपीए सरकार इस लैंडमार्क डील के अलग-अलग एग्रीमेंट्स पर साइन करते समय रेगुलर तौर पर पार्लियामेंट को भरोसे में लेने के अपने तरीके में ट्रांसपेरेंट थी। इसकी तुलना आज के हालात से करें, जहाँ देश को प्रेसिडेंट ट्रंप द्वारा अनाउंस की गई ट्रेड डील के बारे में कोई भी बात नहीं पता है।“
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कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कहा कि पीएम का ट्वीट टैरिफ को 18% तक कम करने के लिए उन्हें धन्यवाद देने पर था, लेकिन डील के बारे में कुछ भी नहीं बताया।
खड़गे ने आरोप लगाया कि संसद का सेशन चल रहा है, लेकिन मोदी सरकार ने डील के बारे में बात करने के लिए एक बाहरी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया, बिना कोई डिटेल्स बताए।
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कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार से तीन सवाल किए, उन्होंने कहा कि इस व्यापार समझौते संबंधित तीन ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब अभी भी नहीं मिला है।
उन्होंने पूछा- “क्या भारत ने यूएस के दबाव में किसी भी तरह से कॉम्प्रोमाइज़ किया है? क्या हम अमेरिकी इंपोर्ट पर ज़ीरो टैरिफ पर सहमत हुए हैं, जैसा कि मिस्टर ट्रंप ने दावा किया है?”
“क्या हमारे किसान सुरक्षित रहेंगे? क्या हमने अपने खेती के सेक्टर को यूएस एग्री मार्केट के लिए पूरी तरह या थोड़ा खोल दिया है?
“क्या भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा? इस बारे में भारत ने रूस को क्या बताया है?”
कांग्रेस अध्यक्ष ने अंत में कहा कि इस व्यापार समझौते से जुड़ी इन सारी बातों को “संसद और भारत के 140 करोड़” लोगों को यह जानने का हक है।
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वहीं इस समझौते को लेकर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोगल ने संसद में कहा, "भारत और अमेरिका काफी हद तक एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत के पथ पर अग्रसर हो रहा है, हमें ऊर्जा, विमानन, डेटा केंद्र, परमाणु ऊर्जा आदि सहित कई क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता होगी।"
उन्होंने कहा, "अमेरिका इस क्षेत्रों में दुनिया का अग्रणी देश है, इसलिए हमारे लिए इन क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना स्वाभाविक है जिससे न केवल हमारी खरीद में बल्कि हमारे अपने निर्यात में भी विस्तार होगा।"
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हो गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि उन्हें खुशी है कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर अब 18 प्रतिशत का कम शुल्क लगेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा था कि दोनों देशों द्वारा ‘शीघ्र’ एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा, जिसमें समझौते का विवरण होगा।
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वहीं, ‘व्हाइट हाउस’ की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार कहा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रमुख अमेरिकी क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश पर भी सहमति व्यक्त की है।
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