
हाल ही में हुए 5 राज्यों में बीजेपी को मिली करारी शिकस्त के बाद एनडीए में खलबली मची हुई है। यही वजह है कि एनडीए की सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी ने बीजेपी को चेताया है। जहां बीजेपी और उसके नेता राम मंदिर का राग अलाप रहे हैं। वहीं राम विलास पासवान की पार्टी ठीक इसके उलट बोल रही है। एलजेपी नेता चिराग पासवान ने साफ कर दिया है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा राम मंदिर नहीं होगा।
एलजेपी के नेता चिराग पासवान ने कहा, “राम मंदिर हमारा मुख्य एजेंडा नहीं होगा। सिर्फ विकास, किसान, नौकरियां ही प्राथमिकता होंगी। जब तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आए थे तब हमने यही कहा था।”
चिराग पासवान ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब बीजेपी उसके नेता, शिवसेना और वीएचपी समेत कई दूसरे संगठनों ने राम मंदिर को मुख्य एजेंडा बनाया है। लगातार बीजेपी के नेता राम मंदिर की बात कर रहे हैं और इसके जरिए वोट बैंक साधने में जुटे हुए हैं। वहीं वीएचपी और आरएसएस ने तो राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग करते हुए मोदी सरकार को अल्टीमेटम तक दे दिया है।
वहीं, रामविलास पासवान की पार्टी एनडीए में रहते हुए भी राम मंदिर को मुख्य एजेंडा बनाए जाने के पक्ष में नहीं है। शायद उसे इस बात का अनुभव हो गया है कि जो हाल बीजेपी का हाल में आए विधानसभ चुनाव में हुआ है, वही कहीं लोकसभा चुनाव में भी न हो जाए। ऐसे में बीजेपी के साथ उसका भी बंटाधार हो जाएगा। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव के लिए एलजेपी फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
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Published: 06 Jan 2019, 10:20 AM IST