
मोदी सरकार भले ही आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना को लेकर उत्साहित है और इसे लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन देश के कई बीजेपी शासित राज्यों में इस योजना को लेकर बिलकुल भी उत्साह नहीं है। आलम यह है कि योजना को लागू करने के सवाल पर राजस्थान और महाराष्ट्र ने हाथ खड़े कर दिए हैं। आप सोच सकते हैं कि अगर इस योजना को लेकर बीजेपी शासित राज्यों का यह रवैया है तो गैर बीजेपी शासित राज्यों में क्या होगा?
खबरों के मुताबिक, महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार ने आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना को लागू करने से यह कहते हुए मना कर दिया है कि उसके पास फंड नहीं है। महाराष्ट्र में पहले से ही महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना चल रही है। इसके तहत राज्य के 2.2 लोगों को 2 लाख रुपये स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है।
राजस्थान ने भी आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना को लागू करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। दरअसल राज्य में पहले से ही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना चल रही है। इस योजना के तहत 4.5 करोड़ लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। खबरों के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि जब राज्य में पहले से ही इस तरह की योजना चल रही है तो केंद्र की योजना कैसे लागू की जाएगी।
महाराष्ट्र और राजस्थान से पहले अोडिशा सरकार भी इस योजना को लागू करने से मना कर चुकी है। उसका कहना है कि राज्य में पहले से ही बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना चल रही है। उसका यह भी दावा है कि बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना के तहत आयुष्मान भारत की तुलना में ज्यादा लाभ दिए जा रहे हैं।
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Published: 08 Jul 2018, 6:00 PM IST