
बहुजन समाज पार्टी यानी बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बीजेपी सरकार को संकीर्ण, जातिवादी व सांप्रदायिक करार देते हुए कहा कि बाबा साहेब के सपनों का भारत बीजेपी और आरएसएस एंड कंपनी के राज में कभी नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सोच संविधान की मूल भावना के खिलाफ संकीर्ण, जातिवादी और घोर सांप्रदायिक है, जबकि बाबा साहेब की सोच समतामूलक और मानवतावादी थी।
लखनऊ में मॉल एवेन्यू स्थित अपने निवास पर मायावती ने कहा कि, "प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 'मन की बात' में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम का जो इस्तेमाल किया, वह केवल ढोंग व नाटकबाजी है। मोदी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में विशेषकर दलितों के लिए बहुत नाटक व ढोंग हो चुका है। अब बीजेपी को और ज्यादा नाटक करने की कोई जरूरत नहीं है, उन्हें कोई भी राजनैतिक लाभ मिलने वाला नहीं है।"
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकारों में दलित और पिछड़े वर्ग के लोग जीवन के हर क्षेत्र में और भी ज्यादा पिछड़ते चले जा रहे हैं। मायावती ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी और मोदी, अंबेडकर के नाम का जिक्र जरूर करते हैं, लेकिन उन वर्गो से जुड़े लोगों पर ही हमला करते हैं। इसका उदाहरण राज्यसभा चुनाव ही है, जहां बीएसपी उम्मीदवार बाबा साहेब के हमनाम भीमराव अंबेडकर को हराने के लिए बीजेपी ने एक अतिरिक्त उम्मीदवार उतार दिया।
मायावती ने कहा कि एसपी-बीेसपी की नजदीकी को लेकर बीजेपी बौखला गई है और बेतुकी बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि एसपी-बीएसपी की नजदीकी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि केंद्र व राज्यों की सत्ता में भाजपा सरकारों के कुशासन को रोकने के लिए हुई है। इसलिए बीजेपी नेता कितना भी भड़काने की कोशिश क्यों न कर लें, लेकिन हम बहकावे में कतई भी आने वाले नहीं हैं।
मायावती ने लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे मोर्चे और महागठबंधन के संकेत देते हुए कहा कि देश व जनहित मेंएसपी-बीेएसपी के साथ सभी विपक्षी दलों को मिलकर बीजेपी को इस बार 2019 केंद्र की सत्ता में आने से जरूर रोकना होगा।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए