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वीके सिंह के बयान पर ड्रैगन का दावा- भारत ने मानी चीन में घुसपैठ की बात, कहा- समझौते का...

अभी हाल ही में केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा था कि भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का चीन की तुलना में अधिक बार अतिक्रमण किया है, लेकिन सरकार हर बार इसकी घोषणा नहीं करती है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

चीन ने भारत पर चीन की सीमा में घुसपैठ करने का आरोप लगाया है। जनसत्ता की खबर के मुताबिक चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा है कि काफी लंबे समय से भारत एलएसी पर चीन की सीमा में घुसपैठ करता रहा है। भारत की कोशिश अतिक्रमण करने की है और भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ने की यही वजह है। दरअसल अभी हाल ही में केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा था कि भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का चीन की तुलना में अधिक बार अतिक्रमण किया है, लेकिन सरकार हर बार इसकी घोषणा नहीं करती है। पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह के इस बयान को लेकर अब बीजिंग ने दावा किया है कि भारत यह कबूल कर रहा है कि उसने चीन की सीमा में घुसपैठ किया है। जनसत्ता की खबर के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि यह भारत द्वारा अंजाने में किया गया कबूलनामा है। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि वांग वेनबिन ने कहा कि हमने अपील की है कि वो चीन की सीमा का सम्मान करे। वो बॉर्डर के इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखने में सहयोग करे।

गौरतलब है कि मोदी सरकार में मंत्री वीके सिंह ने रविरार को मदुरई में कहा था कि ‘आप में से किसी को भी पता नहीं है कि हमने कितनी बार अतिक्रमण किया। चीनी मीडिया इसे कवर नहीं करता है…मैं आपको आश्वस्त करता हूं, अगर चीन ने 10 बार अतिक्रमण किया है, तो हमने कम से कम 50 बार किया होगा। लेकिन हम इसकी घोषणा नहीं करते हैं।'

वीके सिंह के इस बयान को लेकर चीन के ग्लोबल टाइम्स के एडिटर प्रमुख Hu Xijin ने ट्वीट किया कि ‘भारत के केंद्रीय राज्य मंत्री और पूर्व आर्मी जनरल वीके सिंह ने अनजाने में चीन-भारत बॉर्डर पर बने हालात की सच्चाई बयां कर दी है। यह भारत है जिसने बॉर्डर पर यथास्थिति को तोड़ा है। चीन इसका को इसका जवाब देना पड़ता है।’

बता दें कि काफी लंबे वक्त से लदाख से लगे एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। पिछले साल जून में गलवान वैली में चीन से झड़प के दौरान भारत के 20 सैनिक शहीद हो गये थे, इसके अलावा कई चीनी सैनिक भी मारे गये थे।

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