
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक चुनाव एजेंट ने एक ही दिन में 1,383 ‘‘फर्जी आपत्तियां’’ दर्ज कीं।
उन्होंने प्रशासन और निर्वाचन आयोग पर ‘‘लोकतंत्र पर गंभीर हमले’’ को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
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गहलोत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया कि रामगढ़ में बीजेपी के एक बूथ-स्तरीय एजेंट (बीएलए) के नाम पर एक ही दिन में 1,383 ‘‘फर्जी आपत्तियां’’ दर्ज की गईं। उन्होने आरोप लगाया कि बीएलए ने उसके नाम से किए गए हस्ताक्षरों से बाद में इनकार कर दिया।
गहलोत ने कहा, ‘‘राजस्थान में लोकतंत्र का चीरहरण किस स्तर पर हो रहा है। रामगढ़ का यह प्रकरण इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।’’ गहलोत ने कहा, ‘‘अब यह स्पष्ट है कि यह केवल 'वोट चोरी' नहीं, बल्कि कूटरचित दस्तावेज के जरिए जनादेश पर डकैती डालने का सुनियोजित षड्यंत्र है।’’
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में बीजेपी ने इस तरह का प्रयास किया लेकिन उसका भंडाफोड़ हो गया।
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उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासन और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर यह गंभीर प्रश्नचिह्न है। राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त नवीन महाजन की यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करें कि इस तरह का गैर कानूनी कार्य न हों।’’
गहलोत ने राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की है कि इस ‘‘जालसाजी’’ में शामिल लोगों और मूकदर्शक बने अधिकारियों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (उप-मंडल अधिकारी) से अपील की कि वे किसी दबाव में आए बिना प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखें और निष्पक्षता से काम करें।
गहलोत ने कहा कि जनता सब देख रही है और ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पीटीआई के इनपुट के साथ
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