ल्यूकेमिया से हुई ऋषि कपूर की मौत, जानें कितनी खतरनाक है ये बीमारी, क्या हैं लक्षण और इलाज
ऋषि कपूर ल्यकेमिया नामक कैंसर से पीड़ित थे। बता दें कि 2018 में यह खबर आई थी है ऋषि कपूर को ल्यूकेमिया नामक कैंसर है, जिसके बाद वह अमेरिका ट्रीटमेंट के लिए चले गए थे। वहां उनका इलाज लगभग 11 महीने चला और इसके बाद पिछले साल सितंबर में वह भारत लौट आए थे।
By नवजीवन डेस्क
फोटो: सोशल मीडिया
दो दिन के अंदर दो बड़े सितरों के चले जाने से फिल्म जगत को बड़ा झटका लगा है। कल इरफान खान और आज ऋषि कपूर की मौत ने सबको अंदर तक हिला दिया है। ये ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई शायह ही हो पाए। दोनों सितारे कैंसर के शिकार हुए। गौरतलब है कि ऋषि कपूर ल्यकेमिया नामक कैंसर से पीड़ित थे। बता दें कि 2018 में यह खबर आई थी है ऋषि कपूर को ल्यूकेमिया नामक कैंसर है, जिसके बाद वह अमेरिका ट्रीटमेंट के लिए चले गए थे। वहां उनका इलाज लगभग 11 महीने चला और इसके बाद पिछले साल सितंबर में वह भारत लौट आए थे। ल्यूकेमिया बीमारी कैंसर का ऐसा रूप है जो शरीर के उस हिस्से को प्रभावित करता है जहां से हमें बाहरी संक्रमण से लड़ने की क्षमता मिलती है।
ब्लड बनाने वाले ऊतकों के अलावा बोन मैरो और लिंफैटिक सिस्टम में होने वाले कैंसर की बीमारी को ल्यूकेमिया कहते हैं जिससे रोमांटिक किरदारों के सरताज ऋषि कपूर पीड़ित थे। इस बीमारी की शुरुआत ऐसी जगह से होती है जहां से हमारे शरीर को हर संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है। व्हाइट ब्लड सेल्स WBC's ही हमारे शरीर में संक्रमण से लड़ने की क्षमता विकसित करता है। ल्यूकेमिया मरीज में WBC's के असामान्य हो जाने के बाद शरीर में बाहरी आक्रमणों से लड़ने की क्षमता नहीं रह जाती और यह कमजोर हो जाता है।
कितने प्रकार के होते है ल्यूकेमिया:
एक्यूट ल्यूकेमिया
क्रोनिक ल्यूकेमिया
लिमफोसाईटिक ल्यूकेमिया
मायलोजनस ल्यूकेमिया
क्या हैं ल्यूकेमिया के लक्षण:
सांस लेने में तकलीफ
अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना
स्किन पर छोटे-छोटे लाल धब्बे पड़ना
मांसपेशियों में तेज दर्द होना
हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना
लिम्फ नोड्स में सूजन होना
लीवर में सूजन होना
बहुत अधिक पसीना आने लगना (खासतौर पर रात में)
भूख ना लगना
क्या हैं ल्यूकेमिया के कारण:
यह बीमारी जेनेटिक होती है। ऐसे में शुरुआत से ही उस परिवार के लोगों का खास ध्यान रखना चाहिए।
स्मोकिंग करने के कारण
जब किसी व्यक्ति के शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की मात्रा रेड ब्लड सेल्स से अधिक हो जाती है, तो यह ल्यूकेमिया का कारण बन जाता है।
दवाईयों के साइड इफेक्ट्स के कारण भी हो सकती है ल्यूकेमिया
क्या हैं ल्यूकेमिया का इलाज:
ब्लड टेस्ट कराना
दवाई लेना
कीमोथेरेपी कराना
ल्यूकेमिया की रोकथाम कैसे करें: – साफ-सफाई रखना ताकि इंफेक्शन होने का खतरा ना रहे – हमेशा उबला हुआ पानी पीना – कच्ची सब्जियों के बजाय पका हुआ खाना खाएं – जरूरी टीका लें – भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
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