
एनबीएसए एक स्वतंत्र संस्था है और टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों पर नजर रखती है और विवाद की स्थिति में आदेश पारित करती है। एनबीएसए ने 30 अगस्त 2018 को दिए अपने फैसले में कहा है कि चैनल के एंकर अर्णब गोस्वामी द्वारा अपने शो के दौरान की गई टिप्पणियां गैर-जरूरी, तर्कहीन और ब्रॉकास्टिंग स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन थीं। इसी आधार पर एनबीएसए ने रिपब्लिक टीवी को आदेश दिया है कि वह 7 सितंबर को चैनल पर फुल स्क्रीन माफीनामा प्रसारित करे और इसकी सीडी एनबीएसए को उपलब्ध कराए।
एनबीएसए ने चैनल को एनबीए के मानकों की याद दिलाते हुए कहा है कि यह जिम्मेदारी चैनल की है कि वह हर खबर को प्रसारित करने से पहले उसमें दिखाए गए तथ्यों की जांच करे और जल्दी खबर दिखाने की हड़बड़ी में संतुलित व्यवहार को न छोड़े।
दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने एनबीएसए के इस आदेश की प्रति पोस्ट करते हुए लिखा है कि ऐसे कृत्य पर ‘बनाना रिपब्लिक को शर्म आनी चाहिए’
Published: 04 Sep 2018, 1:01 PM IST
एनबीएसए का आदेश एक व्यक्ति ए सिंह और उनकी पत्नी की शिकायत पर आया है जिसमें कहा गया था कि चैनल ने जनवरी में पार्लियामेंट स्ट्रीट पर हुई गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी की रैली के दौरान चैनल के एक रिपोर्ट के साथ हुई बदसुलूकी में उनका नाम प्रसारित किया था।
सिंह दंपति का एतराज था कि इस कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान उनके लिए इस्तेमाल किए गए शब्द गंदे, भद्दे, लैंगिकवादी, विकृत और देश विरोधी थे। इस शिकायक के जवाब में रिपब्लिक टीवी ने कहा था कि इस पूरी घटना के दौरान उसे अपने रिपोर्टर की सुरक्षा की चिंता थी और इस मामले की पुलिस से शिकायत भी की गई थी, जिसकी जांच जारी है।
Published: 04 Sep 2018, 1:01 PM IST
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Published: 04 Sep 2018, 1:01 PM IST