
देश की अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता है। ऐसे में मोदी सरकार और उसके मंत्रियों से जनता सवाल पूछ रही है। जनता द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मोदी के मंत्री ऊलजलूल बयान दे रहे हैं। ऑटो सेक्टर पर पड़ी मंदी की मार को लेकर मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जो बयान दिया था। उस बयान से केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी दो कदम और आगे निकल गए।
नितिन गडकरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ओला-उबर वाले बयान का बचाव करते हुए कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर करने का असर भी गाड़ियों की खरीद पर पड़ा है। उन्होंने आगे कहा, “वित्त मंत्री की बात को गलत तरीके से समझा गया। जब ई रिक्शा आया तो ऑटो रिक्शा के बिजनेस में कमी आई, फिर ऑटो रिक्शा से पब्लिक ट्रांसपोर्ट अगर बेहतर हुआ है, तो स्वाभिक है कि ई रिक्शा में कमी आ सकती है। चीन में मौजूदा समय में 60 लाख बसें हैं। हमारे देश में 10-11 लाख बसें हैं। हम सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में लगातार सुधार कर रहे हैं। नई-नई तकनीकि आ रही है, नए-नए आविष्कार आते हैं, और इसके नतीजे होते ही हैं।”
इससे पहले मंगलवार को बिगड़ी अर्थव्यवस्था के बीच ऑटो सेक्टर में आई मंदी के सवाल पर अपनी सरकार का बचाव करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि लोग गाड़ी की किस्त देने के बजाए ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवाओं को पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि यही वजह है कि गाड़ियों की खरीद में गिरावट दर्ज की गई है।
उधर, विपक्ष लगातार अर्थव्यवस्था की खस्ताहालत को लेकर मोदी सरकार से सवाल पूछ रहा है। दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस से बात करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कई अहम सवाल पूछे।
कांग्रेस ने ये सवाल पूछे हैं:
देश की बिगड़ी अर्थव्यवस्था पर मोदी के मंत्रियों द्वारा ऊलजलूल जवाब देने पर लोग सोशल मीडिया पर माखौल भी उड़ा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने ग्राफिक्स के जरिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तंज कसते हुए कई ट्वीट किए हैं।
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