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प्रकाश राज, ध्रुव राठी ने CJP के साथ मिलकर SIR के खिलाफ किया प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार की तत्काल इस्तीफे की मांग

महिलाओं और छात्रों समेत विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में फ्रीडम पार्क में एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक बेहद जोशीला हो गया और लगातार नारेबाजी होती रही।

प्रकाश राज, ध्रुव राठी ने CJP के साथ मिलकर SIR के खिलाफ किया प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार की तत्काल इस्तीफे की मांग
प्रकाश राज, ध्रुव राठी ने CJP के साथ मिलकर SIR के खिलाफ किया प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार की तत्काल इस्तीफे की मांग 

  • सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और प्रकाश राज के नेतृत्व में लोगों ने एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया।

  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की

  • महिलाओं और छात्रों समेत विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में फ्रीडम पार्क में एकत्र हुए

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता-सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज के नेतृत्व में लोगों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर बृहस्पतिवार को यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

महिलाओं और छात्रों समेत विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में फ्रीडम पार्क में एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक बेहद जोशीला हो गया और लगातार नारेबाजी होती रही। प्रदर्शनकारी एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने तथा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

आयोजकों के अनुसार, यह प्रदर्शन पूरे कर्नाटक से एसआईआर के कथित पीड़ितों के लिए आयोजित ‘जनता की अदालत’ का हिस्सा था। इसके बाद महिलाओं के साथ एकजुटता जताते हुए ‘‘चप्पल प्रदर्शन’’ किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने जो पोस्टर लहराए, उनमें ‘एरर 404-नेम नॉट फाउंड’, ‘इट्स डन ब्रो, रिजाइन सर’, (अब बहुत हुआ, सर इस्तीफा दीजिए) और ‘डोंट इरेज अस, हियर अस’ (हमें मत मिटाइए, हमारी बात सुनिए) जैसे नारे लिखे थे।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘‘तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी’’, ‘‘वोट चोरी’’ और ‘‘ज्ञानेश कुमार, अपनी कुर्सी छोड़ो’’ जैसे नारे भी लगाए।

पोस्टर के जरिए सरकार पर निशाना

प्रदर्शन स्थल पर स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस की तस्वीरों वाले पोस्टर भी दिखाई दिए। इसके अलावा ‘‘लोकतंत्र की महा चोरी’’ जैसे नारे लिखे पोस्टर भी नजर आए।

बेंगलुरु में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर मुजीबुर रहमान ने कहा, ‘‘यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। हमारे मतदान के अधिकार को हमसे छीन लिया गया है। लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें एकजुट होना होगा, क्योंकि मेरा अपना वोट ही छीन लिया गया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है और उन्हें नहीं पता कि उनका नाम हटाने की मांग करने वाला फॉर्म-7 आवेदन किसने जमा किया था।

पुलिस ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पीटीआई के इनपुट के साथ

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