
एससी-एसटी (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम को कमजोर करने वाले सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज दोपहर 2 बजे सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। इससे पहले मंगलवार की सुबह अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील देते हुए कहा कि एससी-एसटी एक्ट पर शीर्ष अदालत के पूर्व के फैसले के चलते देश में इमरजेंसी जैसे हालात हो गए हैं। वेणुगोपाल ने अदालत को बताया कि हजारों लोग सड़क पर हैं। लिहाजा, इस याचिका पर जल्द सुनवाई की जाए। जिसपर अदालत ने इसे आज दोपहर खुली अदालत में सुनावाई के लिए लिस्ट में शामिल कर लिया है।
केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से एससी-एसटी कानून पर अपने हालिया फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया था। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम पर उच्चतम न्यायालय के फैसले में कोई पक्षकार नहीं है और वह इस फैसले के पीछे दिए गए तर्क से असहमत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले पर एक समग्र पुनर्विचार याचिका दायर की है।
वहीं इस फैसले के खिलाफ सोमवार को दलित समूहों के भारत बंद के दौरान देशभर में जमकर हिंसा हुई, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं। आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, गुजरात, झारखंड और महाराष्ट्र राज्य रहे। मध्यप्रदेश में मरने वालों की संख्या 8 पर पहुंच गई है।
दलितों के भारत बंद के दौरान भड़की हिंसा का असर कई शहरों में मंगलवार को भी नजर आ रहा है। सोमवार को हुई हिंसा के बाद मंगलवार को भी मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के कई शहरों में हालात सामान्य नहीं हुए हैं। ग्वालियर, मुरैना और भिंड में कर्फ्यू जारी है। बवाल को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन अभी अलर्ट पर है। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एहतियान इंटरनेट सेवा पर रोक लगी हुई है। कई शहरों में स्कूल बंद रखे गए हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सबसे ज्यादा बवाल हुआ। इसी बवाल को देखते हुए प्रशासन ने 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।
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