
आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार को लेकर बड़ी कानूनी कार्रवाई फिलहाल टल गई है। बुधवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने पर अपना फैसला स्थगित कर दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 मई को होगी, जब अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव समेत कई अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
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गौरतलब है कि इससे पहले भी 16 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई टल गई थी। उस समय अदालत को आरोप तय करने थे, लेकिन सुनवाई आगे बढ़ा दी गई और अगली तारीख 6 मई तय की गई थी।
यह पूरा मामला आईआरसीटीसी होटल टेंडर घोटाले से जुड़ा है, जो 2004 से 2014 के बीच का बताया जाता है। उस दौरान लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव के लिए टेंडर देने में नियमों का पालन नहीं किया गया और एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
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आरोप है कि इस टेंडर के बदले लालू परिवार से जुड़ी एक कंपनी को जमीन या अन्य आर्थिक फायदे दिए गए। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का कहना है कि इस पूरे मामले में पद का दुरुपयोग किया गया और टेंडर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुईं।
सीबीआई ने 7 जुलाई 2017 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी समेत कई लोगों के नाम शामिल थे। इसके बाद दिल्ली, पटना, रांची और गुरुग्राम में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से अहम दस्तावेज और सबूत बरामद किए गए।
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हालांकि, लालू यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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