
राजस्थान के नाहरगढ़ किले में जिस व्यक्ति का शव पिछले दिनों लटका पाया गया था, उसकी हत्या नहीं की गई थी। इस बात की पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट से हुई है। जिस वक्त किले से शव बरामद किया गया था, उस वक्त शव के पास पत्थरों पर फिल्म पद्मावती के विरोध में नारे लिखे हुए थे। पुलिस को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट में एफएसएल के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि 24 नवंबर को चेतन सैनी की मौत आत्महत्या थी, न कि हत्या।
अधिकारियों ने दावा किया है कि एफएसएल ने सबूतों की गहन जांच की और अंतिम रिपोर्ट में पांच अलग-अलग रिपोर्ट सौंपी हैं, जिसमें विसरा रिपोर्ट भी शामिल है। चेतन सैनी की मौत ने हिंदी फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन में एक नया विवाद पैदा कर दिया था, क्योंकि शव के पास कई पत्थरों पर भड़काऊ बयान लिखे हुए थे, जिनमें फिल्म पद्मावती के विरोध का भी जिक्र था। इसलिए ऐसा माना जा रहा था कि उस व्यक्ति की हत्या करने के बाद शव को नाहरगढ़ किले पर लटकाया गया था। खबरों के मुताबिक, इस तरह के दावे भी किए गए थे।
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