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'अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं हुआ, बल्कि ‘‘चोरी’’ हुई, “गले मिलने वाली कूटनीति” पूरी तरह विफल', कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री और उनकी झूठ-ब्रिगेड’’ चाहे जितना भी प्रचार कर लें, लेकिन सच्चाई यह है कि अमेरिका ने भारत से जितना लिया है, उतना उसने दिया नहीं है।

पीएम मोदी और ट्रंप (फाइल फोटो)
पीएम मोदी और ट्रंप (फाइल फोटो) 

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कई सवाल हैं। विपक्ष मोदी सरकार को इन सवालों को लेकर लगातार घेरने में लगा है। कांग्रेस ने बुधवार को इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि यह कोई समझौता नहीं, बल्कि वाशिंगटन में बैठे ‘‘प्रधानमंत्री के अच्छे दोस्त’’ द्वारा की गई ‘‘चोरी’’ है और सरकार की “गले मिलने वाली कूटनीति” तथा आर्थिक कूटनीति की पूरी तरह विफलता है।

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जयराम रमेश का पीएम मोदी पर तंज

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री और उनकी झूठ-ब्रिगेड’’ चाहे जितना भी प्रचार कर लें, लेकिन सच्चाई यह है कि अमेरिका ने भारत से जितना लिया है, उतना उसने दिया नहीं है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “यह महत्वपूर्ण है कि कई स्वतंत्र विश्लेषकों और टिप्पणीकारों, जो मोदी-विरोधी नहीं हैं, ने भी इस भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आत्मसमर्पण, देशहित से समझौता और अपमानजक तरीके से झुकना बताया है।”

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रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री और उनकी झूठ-ब्रिगेड इस समझौते को लेकर कितना भी प्रचार करें, लेकिन सच्चाई यह है कि अमेरिका ने भारत से जितना हासिल किया है, उतना उसे रियायत के रूप में दिया नहीं है। यह सब मोदी जी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप को खूब रिझाने के बावजूद हुआ है, जिसमें सितंबर 2019 में उनके लिए प्रचार करना भी शामिल है।”

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी फरवरी 2025 में फिर से चुने गए राष्ट्रपति ट्रंप को बधाई देने वालों में सबसे पहले थे।

उनका यह भी दावा है कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन करने के भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं।

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उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी मोदी से दोस्ती का पूरा इज़हार किया, लेकिन ऐसा करते हुए भी भारत को बड़े झटके दिए।

रमेश ने कहा, “यह हमारी गले मिलने वाली कूटनीति और आर्थिक कूटनीति की पूरी तरह विफलता है। प्रचार चलता रहेगा, लेकिन सच्चाई तो सच्चाई हैं। यह व्यापार समझौता वाशिंगटन में बैठे प्रधानमंत्री के उस अच्छे दोस्त द्वारा एक ‘चोरी’ है, जिन्होंने करीब सौ बार दावा किया है कि उन्होंने 10 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोका था।”

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पीटीआई के इनपुट के साथ

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