
आइसलैंड में भूकंप के झटके लगातार महसूस किए जा रहे हैं। भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिण-पश्चिमी शहर ग्रिंडाविक है। यहां भूकंप के सिलसिलेवार झटकों के बाद ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका को ध्यान में रखते हुए आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है। हाल के सप्ताह में ग्रिंडाविक के पास स्थित फाग्राडल्सफजाल ज्वालामुखी के आसपास भूकंप के हजारों झटके दर्ज किए गए हैं। न्यूज एजेंसी एएफपी की खबर के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर शहर में रहने वाले हजारों लोगों को जगह खाली करने के आदेश जारी किए हैं।
यह शहर हर घटें दर्जनों भूकंप के झटके झेल रहा है। आइसलैंड के मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार और गुरुवार के बीच 24 घंटों में रिक्टर स्केल पर भूकंप के लगभग 1400 झटके दर्ज किए गए। मेट ऑफिस के मुताबिक शुक्रवार के पहले 14 घंटों में ही 800 बार भूकंप आए। जिसकी वजह से वहां आपातकाल स्थिति की घोषणा कर दी गई है। आइसलैंड के नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने एक बयान में कहा, 'नेशनल पुलिस चीफ ने ग्रिंडाविक के उत्तर में भूकंपीय गतिविधियों के कारण नागरिक सुरक्षा के लिए आपातकाल की स्थिति की घोषणा की है।'
शहर पर खतरा बढ़ता जा रहा है, इसकी वजह से गुरुवार को पास के ब्लू लैगून लैंडमार्क को बंद कर दिया गया। आइसलैंड मेट ऑफिस का मानना है कि क्षेत्र में जमीन के अंदर बड़ी मात्रा में मैग्मा (पिघली हुई चट्टानें जिसे लावा भी कहते हैं) फैल रहा है और किसी भी वक्त धरती की सतह फाड़कर बाहर आ सकता है। आईएमओ ने संभावना जताई है कि मैग्मा शहर तक पहुंच सकता है। जिसके बाद ग्रिंडाविक को खाली करने का फैसला लिया गया। यह जानकारी आइसलैंड की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने दी है।
ग्रिंडाविक शहर की जनसंख्या करीब 4000 है। यहां की ज्यादातर सड़कों को आपात स्थिति के अलावा और दूसरे कारणों से भी बंद कर दिया गया है। गौरतलब है कि आइसलैंड दुनिया के सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखियों वाला देश है। यहां लगभग 30 सक्रिय ज्वालामुखी हैं।
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