
किस्तान एक बार फिर दुनिया भर में आतंकी समूहों का समर्थन नहीं करने के अपने दावों से बेनकाब हो गया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में, तालिबान समर्थकों द्वारा सोमवार सुबह एक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे आतंकी संगठन तालिबान के समर्थन में सामने आए।
अफगानिस्तान के पंजशीर घाटी क्षेत्र में जमा तालिबान विरोधी ताकतों ने कहा कि समूह का इरादा किसी भी तरह के युद्ध और संघर्ष शुरू होने से पहले शांति और बातचीत जारी रखने का है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट ऑफ अफगानिस्तान के अली नाजारी ने कहा कि प्रसिद्ध तालिबान विरोधी नेता अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद के नेतृत्व में हजारों लड़ाके इस क्षेत्र में एकत्र हुए हैं।
नाजारी ने तालिबान से 'गंभीर' वार्ता में प्रवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि मसूद की सेना 'प्रतिरोध के लिए तैयार' है। उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान के राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा का मानना है कि किसी भी स्थायी शांति के लिए, हमें अफगानिस्तान की अंतर्निहित समस्याओं का समाधान करना होगा। हम उसी पैटर्न को जारी नहीं रख सकते हैं जो हम देश में पिछले 40 वर्षों या 100 वर्षों या 200 वर्षों से देख रहे हैं। देश में सबसे बड़ी समस्या केंद्रीकृत राजनीतिक व्यवस्था है।"
काबुल में दुकानदारों का कहना है कि तालिबान के अफगानिस्तान लौटने से पगड़ी और हिजाब की कीमतों और बिक्री में वृद्धि हुई है। अभी एक हफ्ते पहले तालिबान ने देश के अन्य प्रांतों पर कब्जा करने के बाद काबुल पर कब्जा करने में कामयाबी हासिल की थी।
अफगान मीडिया ने बताया कि तालिबान ने अब तक पगड़ी और हिजाब पहनने के बारे में कुछ नहीं कहा है, लेकिन कुछ लोग उन्हें पारंपरिक रूप से पहनते हैं। काबुल में हिजाब बेचने वाले फैज आगा ने पझवोक अफगान न्यूज को बताया कि पिछले कुछ दिनों से पगड़ी की बिक्री बढ़ी है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को अफगानिस्तान में एक व्यापक या विस्तृत सरकार के गठन का आह्वान किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबजादेह के हवाले से कहा, "(अगली अफगान) सरकार की संरचना को अफगानिस्तान की आबादी का प्रतिनिधित्व करना चाहिए।" ईरान अफगानिस्तान में नवीनतम घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रहा है।
खतीबजादेह ने कहा कि ईरान ने पार्टियों को अफगानिस्तान में अपने मतभेदों को कम करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि तेहरान सभी संघर्षरत पक्षों से बातचीत और संयम बरतने का आह्वान करता है।
थाईलैंड के पर्यटन स्थल पत्ताया को कोविड टीका लगवा चुके यात्रियों के लिए 1 सितंबर से फिर से खोले जाने की योजना थी, मगर उस पर फिलहाल विराम लग गया है, क्योंकि शहर के स्थानीय लोगों के बीच पर्याप्त टीकाकरण होना अभी बाकी है और कोविड-19 के नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय मीडिया ने सोमवार को थाईलैंड के पर्यटन प्राधिकरण (टीएटी) में डिजिटलाइजेशन अनुसंधान और विकास के डिप्टी गवर्नर अपिचई चटचलरमकिट के हवाले से कहा, अधिकारी अभी भी अक्टूबर में रिसॉर्ट शहर को फिर से खोलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इसी तरह का एक संदेश 21 अगस्त को पत्ताया बिजनेस एंड टूरिज्म एसोसिएशन के अध्यक्ष बुन-आन फथानासिन द्वारा भी घोषित किया गया था, क्योंकि उन्होंने संकेत दिया था कि पर्यटन स्थल को फिर से खोलने से पहले शहर को अपनी आबादी के कम से कम 70 प्रतिशत को कोविड-19 के खिलाफ टीका लगाने की जरूरत है।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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