
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में वार्ता होने वाली है। एक महीने से ज्यादा समय पश्चिम एशिया में चले संघर्ष और होर्मुज संकट के बाद पूरी दुनिया की निगाहें इस वार्ता पर टिकी है। इस बीच ईरान के फर्स्ट उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच डील होने की उम्मीद है, लेकिन अगर इजरायल साथ हुआ तो कोई समझौता नहीं होगा।
Published: undefined
फर्स्ट उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अगर हम इस्लामाबाद में 'अमेरिका फर्स्ट' के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हैं, तो दोनों पक्षों और दुनिया के लिए फायदेमंद समझौता होने की संभावना है। लेकिन, अगर हमारा सामना 'इजरायल फर्स्ट' के प्रतिनिधियों से होता है, तो कोई डील नहीं होगी; हम जरूर पहले से भी ज्यादा जोर-शोर से अपना बचाव जारी रखेंगे और दुनिया को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।"
Published: undefined
बता दें, ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार अमेरिका के साथ बातचीत से पहले, ईरान के एक डेलीगेशन ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की है। इस मीटिंग की पुष्टि करते हुए, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने कहा कि इस मीटिंग के खत्म होने पर ईरान-अमेरिका वार्ता के लिए फार्मेट तय किए जाएंगे।”
इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे ईरान पर कथित अमेरिकी-इजरायली हमलों को लेकर जिम्मेदार रुख अपनाएं और हमलावरों को जवाबदेह ठहराएं।
Published: undefined
जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ हुई टेलीफोन वार्ता में अराघची ने ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य घटनाक्रम की जानकारी साझा की, जैसा कि शनिवार को स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इसका दावा किया गया है। तस्त्रीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों की रक्षा के लिए सभी देशों को सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने की सलाह दी।
अराघची ने अमेरिका पर पहले भी अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन का आरोप लगाया। मेहर न्यूज के अनसार उन्होंने कहा कि ईरान ने संघर्ष समाप्त करने, इस दौरान हुए नुकसान की भरपाई और हमलावरों को जवाबदेह ठहराने की शर्तों के आधार पर सीजफायर स्वीकार किया है। उन्होंने इसे एक "जिम्मेदार कदम" बताया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना होनी चाहिए।
Published: undefined
वहीं, जर्मनी के विदेश मंत्री वाडेफुल ने भी युद्ध समाप्ति का समर्थन किया और खास तौर पर लेबनान में इजरायली हमलों को रोकने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच प्रस्तावित वार्ता से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined