
शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी-शरदचंद्र पवार (एसपी) में विलय हो जाना चाहिए क्योंकि पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका चुनावों के लिए दोनों गुटों ने हाथ मिला लिया है।
राउत ने यह भी सवाल उठाया कि अजित पवार द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोप लगाये जाने के एक दिन बाद भी वह महायुति सरकार में क्यों हैं।
Published: undefined
महायुति में बीजेपी, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं।
राउत ने कहा कि बीजेपी और अजित पवार ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
राउत ने पत्रकारों से कहा, “तो फिर आप सरकार में क्यों हैं? उन्हें (अजित पवार को) शरद पवार के पास वापस आ जाना चाहिए। अब जब आपने पुणे और पिंपरी चिंचवड में गठबंधन कर लिया है, तो अजित पवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार छोड़ देनी चाहिए और (एनसीपी को) मूल एनसीपी (एसपी) में मिला देना चाहिए।”
Published: undefined
वर्ष 2023 में अजित पवार कई विधायकों के साथ बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे, जिसे एनसीपी दो गुटों में विभाजित हो गयी थी।
राउत ने कहा कि अजित पवार बीजेपी द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और पवार परिवार एक साथ चुनाव लड़ रहा है।
Published: undefined
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, “ऐसा लगता है कि अजित पवार की दिशा बदल गई है। अगर ऐसा है, तो उन्हें बीजेपी (का साथ) छोड़ देना चाहिए।”
एनसीपी और एनसीपी (एसपी) पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगर पालिकाओं के लिए 15 जनवरी को होने वाले चुनावों में गठबंधन के तहत लड़ रहे हैं।
अजित पवार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका पिछले नौ वर्षों से भ्रष्टाचार से ग्रस्त है और कर्ज में डूबी हुई है।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined