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बांग्लादेश में किसकी बनेगी सरकार? रुझान साफ, क्या तारिक रहमान संभालेंगे सत्ता की कमान?

बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में रुझानों ने तस्वीर लगभग साफ कर दी है। तारिक रहमान की अगुवाई वाली BNP बहुमत की ओर बढ़ रही है, जबकि विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर दिख रहा है। 2024 के हिंसक आंदोलन के बाद हुए पहले आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है।

ताजा रुझानों के मुताबिक, तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी और उसके सहयोगी दल 299 में से 212 सीटों पर आगे चल रहे हैं। वहीं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन 70 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, आधिकारिक नतीजे अभी जारी नहीं हुए हैं। बांग्लादेश चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को अंतिम घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST

तारिक रहमान दो सीटों से विजयी, पीएम पद की राह साफ

बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने जिन दो सीटों, बोगरा और ढाका-17  से चुनाव लड़ा, दोनों पर जीत हासिल की है। ऐसे में उनके अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

बीएनपी चुनाव समिति के प्रवक्ता महदी अमीन ने कहा कि पार्टी दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ रही है और सरकार बनाने की स्थिति में है।

Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST

‘यह जश्न का समय नहीं’

हालांकि पार्टी बढ़त से उत्साहित है, लेकिन जश्न फिलहाल टाल दिया गया है। तारिक रहमान ने अपनी मां खालिदा ज़िया के हालिया निधन के सम्मान में समर्थकों से उत्सव स्थगित करने का अनुरोध किया।

पार्टी ने शुक्रवार की नमाज के बाद खालिदा जिया की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।

बीएनपी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि यह जीत अपेक्षित थी और देश की जनता ने बदलाव के सपने को समर्थन दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब देश को भेदभाव से मुक्त बनाने की चुनौती सामने है, इसलिए यह केवल जश्न का समय नहीं है।

Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST

जमात-ए-इस्लामी ने उठाए अनियमितता के आरोप

चुनाव परिणामों के बीच जमात-ए-इस्लामी ने कुछ मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।

तारिक रहमान के खिलाफ चुनाव लड़ रहे जमात उम्मीदवार खालिदुज़ ज़मान ने दावा किया कि कुछ जगहों पर बिना पोलिंग एजेंट के अलग कमरे में मतपत्रों पर मुहर लगाई जा रही थी। उन्होंने इसे निराशाजनक बताया और निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST

चुनाव शांतिपूर्ण, लेकिन हिंसा की घटनाएं भी

मतदान दिवस को चुनाव आयोग ने “काफी हद तक शांतिपूर्ण” बताया और केवल कुछ मामूली व्यवधानों की सूचना दी। हालांकि, पुलिस रिपोर्ट के अनुसार प्रचार के दौरान राजनीतिक झड़पों में पांच लोगों की मौत हुई और 600 से ज्यादा लोग घायल हुए।

बीएनपी कार्यकर्ता पूरी रात पार्टी कार्यालयों के बाहर जुटे रहे। एक समर्थक, 45 वर्षीय मोहम्मद फजलुर रहमान ने कहा कि वे पिछले 17 वर्षों में राजनीतिक मामलों और आर्थिक नुकसान का सामना कर चुके हैं और अब देश निर्माण की प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं।

Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST

मुख्य सलाहकार यूनुस की अपील

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस, जो शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से देश का नेतृत्व कर रहे हैं, ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित में एकजुट रहना जरूरी है। यूनुस नई सरकार के शपथ लेने के बाद पद छोड़ देंगे। उन्होंने मतदान के बाद कहा कि देश ने “एक बुरे दौर का अंत कर नए सपने की शुरुआत की है।”

Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST

अवामी लीग ने चुनाव को बताया ‘सुनियोजित ढोंग’

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग ने चुनाव को “ढोंग” करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि बिना उनकी भागीदारी के हुए इस चुनाव ने लोकतांत्रिक मानकों और संविधान की अनदेखी की।

अवामी लीग ने दावा किया कि 11 फरवरी की शाम से ही मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, नकदी वितरण, वोट खरीद और बिना मतदाताओं की मौजूदगी के मतपत्रों पर मुहर लगाने जैसी घटनाएं हुईं।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 12 फरवरी सुबह 11 बजे तक, यानी मतदान शुरू होने के साढ़े तीन घंटे बाद, केवल 14.96% मतदाताओं ने वोट डाला था। पार्टी का दावा है कि ढाका और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में कई केंद्रों पर मतदाता नजर नहीं आए।

अवामी लीग ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले उसके समर्थकों और अल्पसंख्यक समुदायों को डराया-धमकाया गया।

Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST

अब आगे क्या

अब सबकी नजर चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा पर है। यदि मौजूदा रुझान बरकरार रहते हैं, तो बीएनपी स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। हालांकि विपक्षी दलों के आरोप, प्रचार के दौरान हुई हिंसा और मतदान प्रतिशत पर उठे सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को तेज कर सकते हैं।

बांग्लादेश की राजनीति के इस नए अध्याय में स्थिरता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय एकता सबसे बड़ी कसौटी होंगी। 

Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST

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Published: 13 Feb 2026, 9:30 AM IST