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इजराइल और ईरान में संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया के हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र बंद, हजारों लोगों की परेशानी बढ़ी

इजराइल ने अपने मुख्य अंतरराष्ट्रीय बेन गुरियन हवाई अड्डे को ‘अगली सूचना तक’ बंद कर दिया है, जिससे 50,000 से अधिक इजराइली यात्री विदेश में फंसे हुए हैं। देश की तीन विमानन कंपनियों के जेट विमानों को लारनाका ले जाया गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर फोटोः IANS

ईरान के प्रांत कोम में एक होटल के बाहर इजराइली हमले के बाद, उसमें ठहरे ऐमल हुसैन स्वदेश लौटने के लिए बेचैन थे, लेकिन ईरानी हवाई क्षेत्र के पूरी तरह बंद होने से 55 वर्षीय इस अफगान कारोबारी को वापसी का कोई मार्ग नहीं मिल सका।

ईरान पर हुए रविवार के हमले के बाद वह भागकर तेहरान पहुंचे, लेकिन ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष बढ़ने के कारण कोई भी टैक्सी उनको सीमा तक नहीं ले गई।

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हुसैन ने सोमवार को मोबाइल फोन पर ‘एपी’ से कहा, ‘‘उड़ानें, बाजार, सब कुछ बंद है और मैं एक छोटे से होटल के बेसमेंट में रह रहा हूं। मैं टैक्सी से सीमा तक जाने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन टैक्सी मिलना मुश्किल है और कोई भी हमें नहीं ले जा रहा है।’’

इजराइल ने शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य जगहों को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हमला किया था जिसमें कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए तथा कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए।

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इजराइल के लक्ष्यों में कोम से लगभग 18 मील दूर एक परमाणु संवर्धन केंद्र भी शामिल था। ईरान ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों के जरिये जवाबी हमला किया है।

दो कट्टर दुश्मनों के बीच कई दिन से जारी वार-पलटवार ने उनके उथलपुथल भरे इतिहास में एक नया अध्याय खोल दिया है। क्षेत्र के कई लोग व्यापक संघर्ष से डरते हैं क्योंकि वे हर रात अपने आसमान में आग के गोले देखते हैं।

संघर्ष ने पश्चिम एशिया के अधिकतर देशों को अपने हवाई क्षेत्र बंद करने पर मजबूर कर दिया है। दर्जनों हवाई अड्डों ने सभी उड़ानें रोक दी हैं या परिचालन में भारी कटौती की है, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं और अन्य लोग संघर्ष से बचकर भागने या घर वापस जाने में असमर्थ हैं।

हवाई अड्डे बंद होने से भारी संकट पैदा हो गया है, हजारों लोग फंसे हुए हैं।

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इजराइल ने अपने मुख्य अंतरराष्ट्रीय बेन गुरियन हवाई अड्डे को ‘अगली सूचना तक’ बंद कर दिया है, जिससे 50,000 से अधिक इजराइली यात्री विदेश में फंसे हुए हैं। देश की तीन विमानन कंपनियों के जेट विमानों को लारनाका ले जाया गया है।

इजराइल में महाला फिंकलमैन अपनी एयर कनाडा की उड़ान रद्द होने के बाद तेल अवीव के एक होटल में फंस गईं। वह रात भर ईरानी हमलों के दौरान होटल के भूमिगत बंकर में शरण लेकर अपने चिंतित परिवार को आश्वस्त करने की कोशिश कर रही थीं।

महाला ने कहा, ‘‘हम धमाके सुनते हैं। कभी-कभी कंपन होता है। सच तो यह है कि मुझे लगता है कि यह और भी डरावना है... टीवी पर यह देखना अलग है कि हमारे सिर के ऊपर क्या हो रहा था, जबकि हम जमीन के नीचे बम से बचाने वाले बंकर में थे।’’

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इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी करके इजराइली लोगों को चेतावनी दी है कि वे जॉर्डन और मिस्र की सीमा पर स्थित तीन बिंदुओं में से किसी के माध्यम से देश से ना भागें। बयान में कहा गया है कि इजराइल के साथ राजनयिक संबंध होने के बावजूद उन देशों में इजराइली यात्रियों के लिए ‘खतरे का जोखिम बहुत अधिक’ माना जाता है।

ईरान ने शुक्रवार को तेहरान के बाहरी इलाके में स्थित देश के मुख्य खोमेनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली उड़ानों को निलंबित कर दिया। इजराइल ने शनिवार को कहा कि उसने मेहराबाद हवाई अड्डे पर बमबारी की, जो तेहरान में ईरान की वायु सेना और घरेलू वाणिज्यिक उड़ानों के लिए सुविधा प्रदान करता है।

कई छात्र ईरान, इराक और अन्य जगहों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं

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अरसलान अहमद ईरान में फंसे, विश्वविद्यालय के हजारों भारतीय छात्रों में से एक हैं, जिनके पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। तेहरान में मेडिकल छात्र और अन्य छात्र अपने छात्रावासों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, हमलों से भयभीत हैं और उन्हें नहीं पता कि उन्हें कब सुरक्षा मिलेगी।

अहमद ने कहा, ‘‘हम जो टेलीविजन पर देख रहे हैं, वह बहुत डरावना है। लेकिन इससे भी ज़्यादा भयानक और कुछ कान के पर्दे फाड़ देने वाले विस्फोट हैं।’’

विश्वविद्यालयों ने ईरान में कई छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में मदद की है।

पीटीआई के इनपुट के साथ

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