
म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंपों की एक श्रृंखला के ठीक एक दिन बाद, शनिवार को देश में 5.1 तीव्रता का एक और भूकंप आया। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने यह जानकारी दी। शुक्रवार को आए शक्तिशाली भूकंप में देश में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
नवीनतम भूकंपीय गतिविधि म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ के पास दोपहर 2.50 बजे के आसपास 10 किलोमीटर की गहराई पर हुई। शुक्रवार के भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले इस नए भूकंप से होने वाले नुकसान और संभावित हताहतों के बारे में अभी कोई स्पष्ट सूचना नहीं है।
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बता दें म्यांमार में शुक्रवार दोपहर को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे परिवहन और संचार व्यवस्था में बड़ी दिक्कतों के बावजूद बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।
सागाइंग के पास आए इस भूकंप के बाद 2.8 से 7.5 तीव्रता के 12 बाद के झटके महसूस किए गए, जिससे प्रभावित इलाकों की स्थिति और भी खराब हो गई।
म्यांमार की राज्य प्रशासन परिषद की सूचना टीम के अनुसार, म्यांमार में आए भूकंप में कम से कम 1,002 लोग मारे गए, 2,376 घायल हुए और 30 लोग लापता हैं।
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समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, तबाही बहुत बड़ी है और मांडले, बागो, मैगवे, उत्तर-पूर्वी शान राज्य, सागाइंग और ने-पी-ताव सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके हैं।
म्यांमार सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। आपातकालीन टीमें जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए लगातार काम कर रही हैं।
म्यांमार के नेता वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय समुदायों से मानवीय सहायता की अपील की है। भारत इस मुश्किल वक्त में अपने पड़ोसी की हर संभव मदद कर रहा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को म्यांमार के वरिष्ठ जनरल महामहिम मिन आंग ह्लाइंग से बात की। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने शुक्रवार को जानकारी दी कि 40 टन सहायता सामग्री लेकर दो जहाज पडोसी मुल्क के लिए रवाना हो गए हैं।
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एस जयशंकर ने लिखा, "ऑपरेशन ब्रह्मा, आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री 40 टन मानवीय सहायता लेकर यांगून बंदरगाह की ओर रवाना।" एक अन्य ट्वीट में उन्होंने जानकारी दी कि 80 सदस्यीय एनडीआरएफ खोज एवं बचाव दल भी नेप्यी ताव के लिए रवाना हुआ। ये दल म्यांमार में बचाव कार्यों में सहायता करेंगे।
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इससे पहले शनिवार को विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक पोस्ट में कहा कि ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के हिस्से के रूप में, भारत ने शुक्रवार के भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए पहले प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में काम किया। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, भोजन के पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और जरूरी दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री की हमारी पहली खेप यांगून पहुंच गई है।”
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